टाटा आर्चरी एकेडमी की अंकिता भकत की अगुवाई में भारतीय तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में जीता पहला गोल्ड
भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। टाटा आर्चरी ...और पढ़ें

अंकिता भकत की अगुवाई में भारतीय तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास
HighLights
भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता।
अंकिता भकत की अगुवाई में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया।
टाटा आर्चरी एकेडमी की अंकिता ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने में भूमिका निभाई।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने स्वर्णिम इतिहास रच दिया। जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित टाटा आर्चरी एकेडमी की पूर्व कैडेट व ओलंपियन अंकिता भकत की अगुवाई वाली भारतीय तिकड़ी ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को रोमांचक फाइनल में 5-3 से हराकर महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीत लिया।
व्यक्तिगत हार को पीछे छोड़ साधा अचूक निशाना प्रतियोगिता के व्यक्तिगत रिकर्व मुकाबले में मिली शुरुआती हार के झटके को दरकिनार करते हुए अंकिता भकत ने टीम स्पर्धा में अपने अपार अनुभव का लोहा मनवाया।
अंकिता, हरियाणा की कीर्ति शर्मा और महाराष्ट्र की 17 वर्षीय युवा सनसनी कुमकुम अनिल मोहोद की तिकड़ी ने ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में विपरीत और तेज हवाओं के बीच असाधारण मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया।
दिग्गज दक्षिण कोरिया का तोड़ा चार दशक का दबदबा
फाइनल मुकाबले में विश्व तीरंदाजी की महाशक्ति मानी जाने वाली कोरियाई तिकड़ी कांग चै-यंग, ओह ये-जिन और ली यून-जी के खिलाफ भारत ने जबरदस्त शुरुआत की।
पहले दो सेट 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए, जिससे स्कोर 2-2 हो गया। तीसरे सेट में कोरियाई टीम दबाव में बिखर गई, जिसका पूरा फायदा उठाकर भारतीय बेटियों ने 55-51 से सेट जीतकर 4-2 की निर्णायक बढ़त बना ली।
चौथे सेट में कीर्ति के निशाने का रिव्यू 9 अंक में बदलने के साथ स्कोर 54-54 रहा और भारत ने 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने चीन को 5-1 से शिकस्त दी थी।
टाटा आर्चरी एकेडमी में तराशी गई थी अंकिता
मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली अंकिता ने 2014 में जमशेदपुर की टाटा आर्चरी एकेडमी से जुड़कर आधुनिक रिकर्व का ककहरा सीखा था। द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच धर्मेंद्र तिवारी और पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक हासिल की।
वर्तमान में टाटा स्टील के खेल विभाग में कार्यरत अंकिता 2023 हांगझोउ एशियाड में कांस्य पदक विजेता टीम का भी हिस्सा थीं। उनकी इस ऐतिहासिक स्वर्णिम सफलता से लौहनगरी के खेल प्रेमियों और टाटा स्टील परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
