जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : आज के भागदौड़ की जिंदगी में सबसे बुरा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। यदि हम इससे बचना चाहते हैं तो रोजाना कुछ योगासनों का अभ्यास करने से कई बीमारी से छुटकारा तो पाते ही हैं, साथ ही तन-मन भी स्वस्थ रहता है। इस संबंध में जानकारी दे रही हैं जमशेदपुर की योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा। उनका कहना है कि अंजनेयासन के अभ्यास के दौरान शरीर अर्धचंद्राकर दिखता है और इससे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

ऐसे करें अंजनेयासन

सबसे पहले दोनों पैरों को एक दूसरे से दूर फैला लें। अब दाहिने पैर के पंजे को बाहर की तरफ घुटने से मोड़ते हुए बैठें। इसके बाद सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को एक साथ फिर सिर के उपर ले जाएं और सांस छोड़ते हुए अपने उपरी शरीर को पीठ के पीछे मोड़ने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। अब इस प्रक्रिया को विपरीत दिशा से दोहराएं। इस आसन को करने के लिए पहले उकड़ूं बैठा जाता है, हाथों को पीछे की ओर मोड़ते हुए चक्रासन के समान मुद्रा बनाई जाती है। यह आसन करते समय शरीर के अंगों का संचालन धीरे-धीरे करें। इस आसन को करते समय रीढ़ की हड्डूी पर झटका नहीं लगना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रहे। यह आसन करते समय आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इस आसन को आप रोजाना दो से तीन बार दोनों ओर से कर सकते हैं।

अंजनेयासन के नियमित अभ्यास के फायदे

अंजनेयासन करने से पूरे शरीर की मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है और साइटिका की समस्या से राहत मिलती है। यह आसन शरीर की गर्मी कम करने और दिमाग को शांत रखने में भी सहायक है। इस आसन से एकाग्रता की क्षमता भी बढ़ती है और शारीरिक पॉश्चर सुधरता है। यह योगासन शरीर को उर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है।

अंजनेयासन करने के दौरान बरतें यह सावधानियां

योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा कहती हैं कि अगर किसी को गर्दन में दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द या फिर कोई गंभीर बीमारी हो तो ऐसे लोग अंजनेयासन का अभ्यास नहीं करें। अगर आपको कंधे से जुड़ी कोई समस्या है तो अपने हाथों को सिर के उपर तक न उठाएं और इन्हें जांघ पर रख लें। उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से ग्रसित हैं तो इस योगासन को नहीं करना चाहिए।

Edited By: Rakesh Ranjan