जमशेदपुर, जासं। सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष सिदगोड़ा के टाटा लाइंस निवासी गुरचरण सिंह बिल्ला के कत्ल की सुपारी पांच लाख रुपये में बाहरी शूटरों को दी गई थी। ये सुपारी सिदगोड़ा के सुखिया रोड निवासी अमरजीत सिंह अंबे ने दी थी, लेकिन शूटर हत्या की वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हुए। घटना में गुरचरण सिंह बिल्ला को गोली तो लगी, लेकिन वो बच गए।

अंबे ने सुपारी का पैसा अदा करने के लिए तीन नवंबर को अपनी गाड़ी साढ़े चार लाख रुपये में बेच दी थी और घटना को अंजाम देने की प्लानिंग और रेकी करने के लिए अंबे को मुखे ने अपनी बोलेरो दी थी। जब शूटर गुरचरण सिंह की हत्या की घटना को अंजाम देने में नाकाम रहे तो अंबे ने उन्हें सिर्फ खर्च-पानी के तौर पर महज 50 हजार रुपये ही दिए थे। अंबे ने शूटरों से कहा कि अगर वो हत्या की घटना अंजाम दे देते तो उन्हें पांच लाख रुपये मिलते। सीतारामडेरा पुलिस ने शुक्रवार की रात जब अमरजीत सिंह अंबे से पूछताछ शुरू की तो वो कई सवालों का जवाब नहीं दे पाया। आखिरकार सुबह तक वो टूट गया और जुर्म कुबूल करते हुए उसने पुलिस को सारी कहानी बता दी। पुलिस की मानें तो अंबे ने इस घटना में मुखे के रोल के बारे भी बताया और इसी के बाद पुलिस ने सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे सीजीपीसी के प्रधान मुखे को उलीडीह स्थित उनके आवास से उठा लिया।

अंबे बल्ली से मिला फिर राउरकेला भाग गया

पुलिस को जांच में पता चला है कि गुरचरण सिंह बिल्ला पर फाय¨रग होने के बाद सीधे जाकर रामदास भट्ठा गुरुद्वारा के प्रधान बलविंदर सिंह बल्ली से मिला था। इसके बाद अमरजीत सिंह अंबे जमशेदपुर छोड़ कर भाग गया था। वो राउरकेला गया था। वहां कुछ दिन भटकने के बाद जमशेदपुर आ गया था और पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुला लिया।

घटना में प्रयुक्त की गई मुखे की बोलेरो बरामद

गुरचरण सिंह बिल्ला पर फाय¨रग वाले दिन सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे की बोलेरो (जेएच 05बीबी-1425 ) का इस्तेमाल अमरजीत सिंह अंबे ने किया था। मुखे की ही बोलेरो से अमरजीत सिंह अंबे ने गुरचरण की रेकी की थी और घटना वाले दिन भी एग्रिको के पास ये बोलेरो देखी गई थी। इसमें अंबे बैठा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए था। इस बोलेरो को पुलिस ने बरामद कर लिया है।

बल्ली को भी घटना की थी जानकारी

पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि रामदास भट्ठा गुरुद्वारा के प्रधान बलविंदर सिंह बल्ली को भी गुरचरण सिंह के साथ होने वाली घटना के बारे में पहले से पता था। अमरजीत सिंह अंबे ने पुलिस को बताया है कि घटना से पहले ही उसने सारी बात बल्ली को बताई थी। अब पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि इस बात में कितना दम है। यदि बल्ली इस मामले में कसूरवार पाए जाते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। फाय¨रग के बाद शूटर ने अंबे को किया था फोन

घटना की तफ्तीश कर रही पुलिस ने जब अमरजीत सिंह अंबे के फोन की कॉल रिकार्ड निकाला तो पता चला कि घटना के फौरन बाद एक हमलावर ने अंबे को फोन किया था। बताया था कि उसने गुरचरण सिंह बिल्ला को गोली मार दी है। पुलिस ने अंबे का ये लावा कंपनी का फोन बरामद कर लिया है। हमलावरों ने इसी फोन पर कॉल कर घटना की जानकारी दी थी।

मुखे व अंबे ने दिलाया था अपराधियों को मोबाइल व सिम

पुलिस को पता चला है कि अपराधियों को मोबाइल और सिम सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे और अमरजीत सिंह अंबे ने मुहैया कराया था। दो शूटरों को मोबाइल व सिम दिए गए थे। इसी फोन से उन्होंने अंबे को फोन कर घटना के बारे में पूरी जानकारी दी थी।

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