जमशेदपुर, जासं। आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार मानगो निवासी मौलाना कलीमुद्दीन को एटीएस मंगलवार को एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंची। मेडिकल जांच के बाद उसे जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश के बाद टीम उसे दोपहर तीन बजे घाघीडीह सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उसे विशेष सेल में भेज दिया। वांटेड था कलीमुद्दीन

बता दें कि वांटेड कलीमुद्दीन को एटीएस टीम ने 22 सितंबर को टाटानगर स्टेशन से गिरफ्तार किया था। 23 सितंबर को सात दिनों की रिमांड पर न्यायालय के आदेश पर एटीएस टीम ने लिया था। रिमांड अवधि में उससे झारखंड, ओडिशा, बंगाल और आंध्र प्रदेश की एटीएस टीम ने पूछताछ की। उसके तीन सहयोगी जमशेदपुर धतकीडीह निवासी अब्दुल सामी, मानगो के जीशान अली और ओडि़शा जगतसिंहपुर के अब्दुल रहमान कटकी दिल्ली के तिहाड़ जेल में और जमशेदपुर के बिष्टुपुर रज्जाक कॉलोनी निवासी अहमद मसूद अकरम शेख उर्फ मसूद उर्फ मोनू और मानगो नसीम घाघीडीह सेंट्रल जेल में 2016 जनवरी से बंद है।

संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी

सात दिनों की रिमांड अवधि में कलीमुद्दीन ने अलकायदा के झारखंड लिंक के संबंध में कई जानकारी उपलब्ध कराई है। संगठन को आर्थिक सहायता देने वाले सफेदपोशों और झारखंड के कोल्हान से लेकर प्रदेश भर में जुड़े सदस्यों की जानकारी दी है। उसने अपने पुत्र हुजैफा के कोलकाता ठिकाने के बारे में भी बताया है। कलीमुद्दीन ने संगठन से मानगो और कपाली के जिन युवाओं को जोड़ा है। उसके नाम भी बताएं है। एटीएस सूत्रों के अनुसार कलीमुद्दीन से जुड़े कई चेहरे बेनकाब होंगे। जो जानकारी पूछताछ में मिली है। उसका सत्यापन होगा। उसने एक ट्रेवल एजेंट के संबंध में भी जानकारी दी है।  

Posted By: Rakesh Ranjan

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