आदित्यपुर टोल ब्रिज के 15 साल पूरे, लागत ₹69 करोड़ और वसूली ₹87 करोड़ पार; फिर भी क्यों चालू है टोल?
आदित्यपुर टोल ब्रिज ने 15 साल पूरे किए, ₹69.14 करोड़ की लागत के मुकाबले ₹87 करोड़ से अधिक वसूले। लागत ...और पढ़ें

आदित्यपुर टोल ब्रिज ने अपने व्यावसायिक संचालन के 15 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
HighLights
पुल ने 15 साल में ₹87 करोड़ से अधिक टोल वसूला।
निर्माण लागत ₹69.14 करोड़ थी, जो वसूल हो चुकी।
लागत वसूली के बाद भी टोल जारी रहने पर सवाल।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले लाइफलाइन यानी आदित्यपुर टोल ब्रिज ने अपने व्यावसायिक संचालन के 15 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
₹69.14 करोड़ की लागत से बने इस पुल ने कमाई के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है और अब तक अनुमानित ₹87 करोड़ से अधिक का टोल राजस्व अर्जित कर लिया है।
18 जुलाई 2011 को इस पुल पर टोल टैक्स की वसूली शुरू हुई थी, जो 20 जुलाई 2026 तक कुल 5,481 दिनों से लगातार जारी है। वर्तमान ट्रैफिक और टोल दरों के आधार पर यह पुल प्रतिदिन औसतन करीब 1.60 लाख रुपये की मोटी कमाई कर रहा है।
टाटा स्टील और झारखंड सरकार का संयुक्त उपक्रम
आदित्यपुर टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (ATBCL) वास्तव में टाटा स्टील और झारखंड सरकार का एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है। इस पुल का निर्माण दोनों बड़े औद्योगिक शहरों (जमशेदपुर और आदित्यपुर) के बीच भारी और निजी यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
रोज गुजरते हैं 4,700 से अधिक वाहन
वर्तमान में यह दोनों शहरों को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त और प्रमुख संपर्क मार्ग बन चुका है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस पुल से प्रतिदिन औसतन 3,600 चार पहिया (निजी व व्यावसायिक) वाहन तथा करीब 1,100 भारी मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
चार पहिया वाहनों के लिए वर्तमान टोल दर ₹20 है, जबकि ट्रक, बस और मल्टी-एक्सल वाहनों से ₹65 से लेकर ₹95 तक का शुल्क लिया जाता है।
लागत से ₹18 करोड़ ज्यादा वसूली
इस भारी ट्रैफिक के कारण पुल की मासिक आय लगभग ₹48 लाख और वार्षिक आय करीब ₹5.84 करोड़ तक पहुंच गई है। पुल की सबसे खास बात यह है कि इससे अब तक इसकी मूल निर्माण लागत से लगभग 18 करोड़ रुपये अधिक वसूले जा चुके हैं।
हालांकि, टोल संग्रह की समय-सीमा और इसका संचालन कंपनी व सरकार के बीच हुए मूल समझौते (Agreement) के नियमों के अनुसार ही निर्धारित है।
जैसे-जैसे आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे इस मार्ग पर गाड़ियों का दबाव और टोल कंपनी की कमाई दोनों बढ़ रही है।
लेकिन इस भारी मुनाफे के बीच स्थानीय जनता और वाहन चालकों के बीच समय-समय पर टोल की अवधि और दरों को लेकर बहस छिड़ जाती है।
लोगों के बीच यह बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब पुल अपनी लागत से कहीं अधिक की कमाई कर चुका है, तो इस पर टोल संग्रह को अब तक बंद क्यों नहीं किया गया है।
टोल ब्रिज की कमाई: एक नज़र में
विवरण आंकड़े
- कुल निर्माण लागत ₹69.14 करोड़
- टोल संग्रह की शुरुआत 18 जुलाई 2011
- कुल संचालन अवधि 15 वर्ष (5,481 दिन)
- रोजाना गुजरने वाले वाहन करीब 4,700
- दैनिक टोल कलेक्शन लगभग ₹1.60 लाख
- वार्षिक अनुमानित आय करीब ₹5.84 करोड़
- 15 वर्षों की कुल आय ₹87 करोड़ से अधिक
