जमशेदपुर, जासं। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने बड़ा फैसला लिया है। बीते दिनों सीजीपीसी ने अपने साकची स्थित कार्यालय में प्रधान महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक की। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोई भी सिख किसी भी राजनीति पार्टी या सामाजिक संगठन में रह सकता है। इसमें सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन पिछले 42 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन का विरोध किया तो सीजीपीसी कार्रवाई करेगा। 

बैठक में सीजीपीसी ने अपने पूर्व सलाहकार मनजीत सिंह गिल के निष्कासन संबंधी विवाद को खत्म करते हुए उन्हें वापस सीजीपीसी का सलाहकार नियुक्त कर दिया है। आपको बता दें कि बीते रविवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा साकची कार्यालय से किसान आंदोलन के समर्थन में रोष रैली का आयोजन किया गया था। इस दौरान सीजीपीसी के पदाधिकारी और विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक साकची गोलचक्कर पर धरना- प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। लेकिन इसी दिन सीजीपीसी के सलाहकार सह जिला मंत्री मनजीत सिंह गिल ने कुछ सदस्यों को भाजपा में सदस्यता दिलाई थी।

सीजीपीसी ने गिल को दिए थे ये निर्देश

इस पर सीजीपीसी ने अपने सलाहकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए माफी मांगने और भाजपा में सदस्यता दिलाए हुए सदस्यों की सदस्यता वापस रद करने का निर्देश दिया। लेकिन मनजीत सिंह गिल ने माफी नहीं मांगते हुए सीजीपीसी के सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया था। इसलिए सीजीपीसी ने बैठक कर भविष्य में आदेश की अवहेलना करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, तरसेम सिंह, वरीय उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह मंटू, नरेंद्र पाल सिंह भाटिया, तारा सिंह, समन्वयक दलजीत सिंह दल्ली, महासचिव सुखविंदर सिंह, जसवीर सिंह पदरी, कोषाध्यक्ष अजीत सिंह गंभीर, मनजीत सिंह संधू, गुरदीप सिंह काके, हरभजन सिंह पप्पू, सरदूल सिंह बिरसा, नगर के प्रधान दीप सिंह, कीताडीह के प्रधान जगजीत सिंह, दलजीत सिंह, प्यारा सिंह, दीपक गिल सहित अन्य उपस्थित थे।

Edited By: Rakesh Ranjan