Aadhaar Update: 15 साल के होते ही बच्चों का कराएं ये जरूरी काम, वरना हो सकती है दिक्कत
यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार, 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है, क्योंकि उम्र के साथ बायोमेट्रिक्स में बदलाव होता है।

बच्चे के 15 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाता है।
HighLights
15 वर्ष की आयु पर आधार बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य।
फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन को अपडेट करना होता है।
समय पर अपडेट न करने पर हो सकती है दिक्कत।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। आधार कार्ड आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए सबसे जरूरी पहचान दस्तावेजों में शामिल है।
स्कूल-कॉलेज में दाखिले से लेकर सरकारी योजनाओं और विभिन्न दस्तावेजी प्रक्रियाओं में आधार की जरूरत पड़ती है।
ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि बच्चे की उम्र के अनुसार आधार में आवश्यक अपडेट समय पर कराएं।
15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी
UIDAI के नियमों के मुताबिक, बच्चे के 15 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाता है। इसमें बच्चे के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन को अपडेट किया जाता है।
बचपन में दर्ज किए गए बायोमेट्रिक डेटा की तुलना में उम्र बढ़ने के साथ बच्चे के बायोमेट्रिक्स में बदलाव हो सकता है। इसलिए 15 साल की उम्र में दोबारा बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि बच्चे के 15 वर्ष का होने के बाद आधार सेवा केंद्र पर जाकर यह अपडेट करा लें। Aadhaar Biometric Update, Aadhaar Card
इसके लिए बच्चे को स्वयं आधार केंद्र पर ले जाना होता है, जहां आवश्यक बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जाती है।
समय पर अपडेट नहीं कराने पर क्या होगी परेशानी?
आधार में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट नहीं होने पर हर स्थिति में आधार तुरंत अमान्य नहीं हो जाता, लेकिन भविष्य में आधार आधारित पहचान या प्रमाणीकरण की जरूरत पड़ने पर परेशानी हो सकती है।
खासकर उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी योजनाओं या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजी प्रक्रियाओं के दौरान सही और अपडेटेड आधार जानकारी उपयोगी रहती है।
अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान
बच्चे की उम्र 15 वर्ष पूरी होने पर अभिभावक आधार सेवा केंद्र से बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।
आधार में दर्ज नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों को भी जांच लेना चाहिए। यदि इनमें किसी तरह की गलती है तो पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक सुधार कराया जा सकता है।
सभी अभिभावक अपने बच्चों के आधार को उम्र के अनुसार अपडेट जरूर करा लें। 15 वर्ष की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
प्रिया कामना कुजूर, UID, प्रोजेक्ट ऑफिसर जमशेदपुर
