जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : मानगो के एक नंबर रोड के करीब स्थित अपार्टमेंट की कंस्ट्रक्शन साइट पर गिरने से आरवीएस एकेडमी के छात्र की मौत हो गई है। हादसा गुरुवार की शाम तकरीबन सवा पांच बजे का है। छात्र जब गिरा तो साइट पर मौजूद सरिया उसके गर्दन में घुस गई। खून ज्यादा बहने से टीएमएच (टाटा मेन हॉस्पिटल) ले जाते समय रास्ते में ही छात्र की मौत हो गई।

मृतक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रेयाज खान का भतीजा आकिफ (11 साल) है। वो रियाज के भाई नन्हें का बेटा है। आकिफ आरवीएस एकेडमी में पढ़ता था। वो यहां कक्षा छह का छात्र था। बताते हैं कि शाम को आकिफ मानगो के न्यू पुरुलिया रोड नंबर एक के करीब अपने साथियों के साथ खेलने गया था। रोड नंबर एक के पास अपार्टमेंट का निर्माण हो रहा है। स्थल पर कई पिलर हैं और सरिया भी निकली हुई हैं। दोस्तों का कहना है कि खेलते-खेलते आकिफ का पैर अचानक फिसल गया और वो मुंह के बल गिर गया।

आकिफ की गर्दन में सरिया घुसने से खून का फव्वारा निकल पड़ा। आकिफ की गर्दन से खून निकलता देख दोस्त घबरा गए और दौड़ कर आकिफ के घर में खबर की। शोरगुल सुन कर और लोग आ गए और लहुलुहान आकिफ को फौरन मानगो में नजदीक के एक नर्सिग होम में ले जाया गया। लेकिन, आकिफ की गंभीर हालत देखते हुए नर्सिग होम के डॉक्टर ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। डॉक्टर ने आकिफ को टीएमएच ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन आकिफ को लेकर टीएमएच रवाना हुए। लेकिन, छात्र को बचाया नहीं जा सका। कांग्रेस के नेता शाकिर खान, समाजसेवी डॉक्टर अफरोज शकील आदि ने रेयाज खान के घर जाकर उन्हें व उनके भाई को ढाढस बंधाया।

मानगो ब्रिज पर टूटी जीवन की डोर

परिजन जब घायल आकिफ को लेकर टीएमएच जा रहे थे तो मानगो ब्रिज के पास ही परिजनों को लगा कि आकिफ ने आखिरी हिचकी ली। टीएमएच में डॉक्टरों ने आकिफ को देखते ही मृत घोषित कर दिया। आकिफ का शव टीएमएच में रखवा दिया गया है। शुक्रवार को जाकिर नगर कब्रिस्तान में छात्र आकिफ को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

आकिफ की मौत पर सहपाठी भी सदमे में

आकिफ की मौत पर उसके सहपाठी भी सदमे में हैं। उसके साथ पढ़ने वाले कई छात्रों ने घर पर फोन कर आकिफ के घर वालों से बात की। आकिफ के दोस्त वसीम ने बताया कि वो पढ़ने में बहुत तेज था। हंसमुख मिजाज का था इसलिए क्लास में सभी से अच्छी पटती थी।

साइट पर नहीं था सुरक्षा का इंतजाम

मानगो में ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर एक के करीब अपार्टमेंट की साइट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जबकि, नियमानुसार बिल्डर को साइट की घेराबंदी करनी चाहिए थी ताकि उधर कोई बच्चा नहीं जा सके। साइट पर ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने और सरिया वगैरह खतरनाक तरीके से रखे जाने से इलाके के लोगों में नाराजगी है।

खेल-खेल में पहले भी गई हैं बच्चों की जान

शहर में खेलते समय पहले भी कई बच्चे अचानक हादसा होने पर दम तोड़ चुके हैं। 2012 में रांची से जमशेदपुर अपने नाना के घर आजादनगर के कोहिनूर टावर आई 22 महीने की बच्ची सिदरा फ्लैट की बॉलकोनी में खेलते हुए अचानक नीचे गिर गई और दम तोड़ दिया। 2017 में जुबिली रोड के करीब ऑफिसर्स फ्लैट के पास खेल रहा बच्चा समीर खुले मेन होल में गिर गया। दूसरे दिन उसकी लाश जयंती सरोवर में मिली थी। करनडीह के जाहेरा टोला में मई 2018 में मैदान में खेल रहे किशोर मुकेश बारा की अचानक खंभा छू जाने पर करंट लगने से मौत हो गई।

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