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झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुरू: ‘प्रेरणा’ और ‘मिट्टी का सम्मान’ जैसी बेहतरीन फिल्मों की गूंज से सजा बिष्टुपुर

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Thu, 22 Oct 2026 10:31 PM (IST)

जमशेदपुर में सातवें झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें 'प्रेरणा' और 'मिट्टी का सम्मान' जैसी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत बहुचर्चित फिल्म ‘प्रेरणा’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ हुई।

झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत बहुचर्चित फिल्म ‘प्रेरणा’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ हुई।

HighLights

  1. क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा, नई प्रतिभाओं को सशक्त मंच।

  2. झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में कुल 90 फिल्मों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य है।

जासं, जमशेदपुर। लौहनगरी में सिनेमा, कला और संस्कृति के भव्य उत्सव सातवें झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (जेएनएफएफ) का गुरुवार को बिष्टुपुर स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस ऑडिटोरियम में भव्य शुभारंभ हुआ। 
 
इस प्रतिष्ठित महोत्सव की शुरुआत बहुचर्चित फिल्म ‘प्रेरणा’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ हुई। पहले दिन कुल 15 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जबकि पूरे आयोजन के दौरान करीब 90 फिल्मों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। 
 
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी के साथ-साथ जेएनएफएफ के संरक्षक अरुण बकरेवाल, पूरबी घोष, डॉ. जेएन दास समेत कला, साहित्य व फिल्म जगत की हस्तियां उपस्थित रहीं। 
 
फिल्मकारों, कलाकारों और विद्यार्थियों की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया। पहले दिन ‘प्रेरणा’ के अलावा ‘बार बीतें’, ‘हासा लैगिड’, ‘मोर अधिकार’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘झूठी थाली’, ‘तय है सुबह का आना’, ‘चांदो एपिल’, ‘काला सोना’, ‘संगत’, ‘दिव्या’, ‘दादाजी अथोना’ और ‘तमस-अंधकार’ जैसी बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। पहले दिन की अंतिम फिल्म ‘मिट्टी का सम्मान’ रही।
 
जेएनएफएफ की क्रिएटिव डायरेक्टर शालिनी प्रसाद ने जानकारी दी कि यह महोत्सव विभिन्न परिसरों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत 22 व 23 अक्टूबर को सेंटर फॉर एक्सीलेंस, 24 व 25 अक्टूबर को जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी और 26 अक्टूबर को श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। 
 
दूसरे दिन दोपहर 2:30 से रात 8:30 बजे तक फिल्में दिखाई जाएंगी। महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रवि राज मुर्मू ने एक विशेष मास्टर क्लास ली, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों और युवा फिल्मकारों को फिल्म निर्माण की बारीकियों की बारीकी से जानकारी दी। 
 
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में शुरू हुआ झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव अब क्षेत्रीय सिनेमा और नई प्रतिभाओं के लिए देश का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।