घाटशिला : कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। संभावित खतरे को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त व अत्याधुनिक करने की हर संभव कोशिश हो रहीं है। पिछले बार कोरोना की लहर में आक्सीजन की कमी सबसे बड़ी समस्या बनी थी। इसी लिहाज से तैयारियां भी की गई है। घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में पीएसए (प्रेसर स्िवग ऐड्सा‌र्प्शन)आक्सीजन प्लांट संचालित है। पीएम केयर फंड से इस आक्सीजन प्लांट का निर्माण किया गया है। पीएसए आक्सीजन प्लांट में 50 बेड को पाइपलाइन के जरिए सुचारू रूप से आक्सीजन सप्लाई की जा रही है। प्लांट को संचालित करने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं,अनुमंडल अस्पताल में एक अन्य पीएसए प्लांट का निर्माण का काम चल रहा है। जिला परिषद के तरफ से इस प्लांट का निर्माण कार्य अनुमंडल अस्पताल में शुरू कर दिया गया है।

इनसेट मेनीफाल्ट सिस्टम से नियमित रूप से होगी ऑक्सीजन सप्लाई

घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में पीएसए आक्सीजन प्लांट से 50 बेड में पाइपलाइन के जरिए आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। प्लांट संचालन के दरमियान कभी अगर अचानक तकनीकी गड़बड़ी उत्पन्न हो गई तो भी मेनीफाल्ट सिस्टम के जरिए पाइपलाइन से मरीजो को नियमित आक्सीजन की सप्लाई होती रहेगी। अस्पताल में भर्ती मरीजों को आक्सीजन के लिए कोई परेशानी नहीं होगी। अस्पताल में इसके अलावे 110 आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। 20 आक्सीजन कंसंट्रेटर, 20 बी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य सुविधाओं से अस्पताल लैस है।

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अनुमंडल के किस अस्पताल में कितने बेड

घाटशिला सीएचसी : 50

धालभूमगढ़ सीएचसी : 20

चाकुलिया सीएचसी : 20

बहरागोड़ा सीएचसी : 20

डुमरिया सीएचसी : 20

मुसाबनी सीएचसी : 20

एचसीएल अस्पताल, घाटशिला : 60

यूसीआइएल अस्पताल, जादुगोड़ा : 60

वर्जन

कोरोना के अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण या फिर सामान्य सर्दी-खांसी व बुखार जैसी समस्या हैं जो पांच से छह दिन में ठीक हो जा रहा है। हालांकि, संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है, जो चिता का विषय है। इससे बचने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

डा. शंकर टुडू, उपाधीक्षक अनुमंडल अस्पताल घाटशिला।

Edited By: Jagran