जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। समुद्र के रास्ते कार्गो द्वारा माल के आवागमन में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए टाटा स्टील ने सी कार्गो चार्टर पर हस्ताक्षर किया है। टाटा स्टील दुनिया की पहली ऐसी स्टील उत्पादक कंपनी बनी जिसने सी कार्गो चार्टर पर हस्ताक्षर किया है जो वैश्विक स्तर पर समुद्री कार्गो के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने और जलवायु से जुड़ी चार्टरिंग गतिविधियों का मूल्यांकन करने वाली वैश्विक संस्था है।

इस संस्था का उद्देश्य वर्ष 2050 तक शिपिंग क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत की कमी लाना है। सी कार्गो चार्टर को अक्टूबर 2020 में लांच किया गया था। इस संस्था में शामिल होने वाली टाटा स्टील 24वीं कंपनी है।

टाटा अपने परिचालन में स्थापित कर रही है बेंचमार्क

टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (सप्लाई चेन) पीयूष गुप्ता का कहना है कि हम अपने परिचालन में बेंचमार्क स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। स्टील सेक्टर में मार्केट लीडर बनने के लिए यह जरूरी है कि हम स्कोप 3 उत्सर्जन को उसी तत्परता से देखे। हमारा सी-बॉर्न ग्लोबल वॉल्यूम (समुद्री वैश्विक परिमाण) प्रतिवर्ष 40 टन से अधिक है जिसे कम करने के लिए हम निर्णायक रूप से कदम आगे बढ़ा दिया है।

कार्बन उत्सर्जन से आगे सोचना है हमें : रंजन

टाटा स्टील के ग्रुप शिपिंग चीफ सह रॉ मटेरियल प्रोक्योरमेंट के डायरेक्टर रंजन सिन्हा का कहना है कि स्टील सेक्टर में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में और कॉरपोरेट गवर्नेंस में हम त्रुटिहीन प्रतिष्ठा के अनुरूप शिपिंग परिचालन में कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहते हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कंपनियां कार्बन उत्सर्जन में स्कोप-1 और स्कोप-2 पर फोकस कर रही है, हम स्कोप-3 की दिशा में काम करते हुए आगे की सोच रही हैं। हमारा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करना है।

 

Edited By: Rakesh Ranjan