जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कर्मचारियों के सालाना बोनस होने के बाद ही उसकी अनुषंगी इकाइयों में बोनस समझौते होता आया है। एक परंपरा के मुताबिक जब टाटा मोटर्स में बोनस हो जाता है तब भी उसकी अनुषंगी शाखाएं यथा पीकेएस, ग्राम विकास केंद्र, शिक्षा प्रसार केंद्र व उसके अंतर्गत आने वाले स्कूलों में भी पूजा गिफ्ट मिलता है। टेल्को क्लब व रिक्रिएशन क्लब में भी बहुत जल्द समझौता होने वाला है। हालांकि टाटा मोटर्स के बाद अन्य स्थानों पर समझौते के दौर शुरू हो गए हैं।

टाटा मोटर्स बोनस के एक दिन बाद टाटा कमिंस में समझौता हुआ। उसके फिर एक दिन बाद टाटा मोटर्स के वर्क्स व अस्पताल कैंटीनों में काम करने वाले कर्मचारियों को बोनस मिला। अब टाटा मोटर्स पर निर्भर रहने वाली परिवार कल्याण केंद्र, शिक्षा प्रसाद केंद्र, ग्राम विकास केंद्र, नवजाग्रत मानव समाज समेत अन्य संस्थाओं में भी बोनस होगा। इसे लेकर प्रबंधन व यूनियन के बीच वार्ता का दौर जारी है। ऐसे ही टाटा मोटर्स के शिक्षा प्रसार केंद्र द्वारा संचालित विद्यालयों में भी कंपनी के बोनस के बाद ही यहां के कर्मचारियाें को बोनस गिफ्ट मिलता है। कंपनी व संस्थाओं के कर्मचारियों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। एक साल के इंतजार के बाद कर्मचारियों को पूजा उपहार एक मुश्त राशि मिलती है। इस दिशा में प्रबंधन ने काम तेज कर दिया है।

अन्य कंपनियों में भी वार्ता तेज

टाटा मोटर्स पर पूर्णत: निर्भर रहने वाली कंपनियों में भी बोनस वार्ता तेज है। टाटा मोटर्स के कल-पूर्जे बनाने वाले जितनी भी कंपनियां है वहां के बोनस के बाद ही यहां समझौता करते हैं। गोविंदपुर स्थित स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स कंपनी टाटा मोटर्स के लिए पहिया बनाती है, वहां भी बोनस वार्ता शुरू है। पूजा से पूर्व यहां समझौता हो जाएगा। ऐसे ही आदित्यपुुर स्थित लघु व मध्यम कल-कारखानों में बोनस का दौर शुरू होगा।

Edited By: Rakesh Ranjan