जमशेदपुर : केले में पोटेशियम, फोलेट, कार्बो व ट्रिप्टोफैन होता है यहीं वजह है कि फलों में इसे सबसे ज्यादा सेहतमंद माना जाता है। पोषक तत्वो से भरपूर होने के बावजूद कुछ खास तरह के केले सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की डायटिशियन अनु सिन्हा कहती हैं, केले के पकने की एक प्रक्रिया होती है और इसी के तहत पता लगाया जाता है कि कौन सा केला शरीर के लिए अच्छा होता है और कौन सा खराब। केले के पकने की एक प्रक्रिया होती है और इसी के तहत ये पता लगाया जाता है कि कौन सा केला शरीर के लिए अच्छा होता है और किस तरह के केले खाने से बचना चाहिए।

भूलकर भी ना खाएं अत्यधिक पके केले

अनु सिन्हा के अनुसार, ज्यादा पके केले सबसे बेकार होते है। इनके छिलकों पर आए भूरे रंग धब्बों से इनकी पहचान कर सकते हैं। ज्यादा पकने पर इनके हेल्दी स्टार्च कम होने लगते है और ये शुगर में बदल जाते हैं। भूरे रंग के ज्यादा पके केले में शुगर की मात्रा 17.4 होती है जबकि पीले केले में इसकी मात्रा 14.4 ग्राम होती है।

कम फाइबर वाले केले- जरुरत से ज्यादा पके केलों में फाइबर की मात्रा भी कम होती है। इनमें सिर्फ 1.9 ग्राम फाइबर पाया जाता है। जबकि पीले केले में इसकी मात्रा 3.1 ग्राम होती है। इतना ही नहीं बहुत पके केले में ना सिर्फ फाइबर कम होता है बल्कि इनमें विटामिन ए, बी-सिक्स और विटामिन के भी कम मात्रा में पाया जाता है।

ब्लड ग्लूकोज स्तर बढ़ाने के लिए पके केले खाए जा सकते हैं।

पीले केले: आमतौर पर पीले रंग के केले सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। हरे और भूरे रंग के केले की तुलना पीले रंग के केले ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं। ये ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होते है बल्कि इनमें सभी तरह के पोषक तत्व वैसे ही मौजूद होते हैंं।

हरे केले : हरे केले या बिल्कुल कम पके केले सबसे अच्छे माने जाते हैं क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा बहुत और रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। इसे खाने से जल्दी भूख नहीं लगती है और हम बार-बार खाने से बच जाते हैं। खासतौर से वजन कम करने के लिए केले सबसे अच्छे माने जाते हैं।

इसमें शॉटे-चेन फैटी एसिड होता है जो आंतों को स्वस्थ रखता है। हालांकि हरे केले काफी सख्त होते हैं और इन्हें खाना आसान नहीं होता है इसलिए इसमें शॉर्ट-चेन फैटी एसिड होता है जो आंतों को स्वस्थ रखता है। हालांकि हरे केले काफी सख्त होते हैं और इन्हें खाना आसान नहीं होता है इसलिए हम इसे दूसरे तरीके से डाइट में शामिल कर सकते हैं। जैसे कि हरे केले का आटा बनाकर या फिर इसक स्मूदी बनाकर पी सकते हैं।

Edited By: Jitendra Singh