ईचागढ़ (सरायकेला-खरसावां), जागरण संवाददाता। दक्षिण- पूर्व रेलवे के चांडिल-मुरी रेलखंड पर तिरुलडीह रेलवे स्टेशन में मंगलवार देर रात को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल, मेन लाइन में चांडिल की ओर से मुरी की ओर जा रही एक मालगाड़ी की एक बोगी में आग लगने की सूचना लेटेमदा रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने तिरुलडीह रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को दी। इस सूचना पर स्टेशन मास्टर ने त्वरित करवाई करते हुए तिरुलडीह रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी को रोक दिया। इसके बाद रेल कर्मियों के द्वारा आग को बुझाने का प्रयास किया गया।

वही कुछ देर के बाद आग अपने आप बुझ गया। इसके बाद मालगाड़ी की एक बोगी को मेन लाइन में छोड़कर एक साइड वाली बोगी को चांडिल व दूसरे साइड वाली बोगी को मुरी भेज दिया गया। इधर, एहतियात के तौर पर कोई बड़ा हादसा न हो इसको लेकर घटना की सूचना स्टेशन मास्टर ने चांडिल दमकल सेवा को एवं रेलवे के उच्चाधिकारियों को भी दी। इसके बाद आरपीएफ के कर्मी, रेलवे के ईएन, आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट सहित कई कर्मी एवं पदाधिकारियों का तिरुलडीह रेलवे स्टेशन पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। वही इसके बाद सभी अधिकारियों ने वस्तुस्थिति का जायजा लिया। घटना के बीच हटिया से टाटानगर लौट रही मेमू पैसेंजर ट्रेन को करीब चार घंटे तक इलू रेलवे स्टेशन पर रोक कर रखा गया। वही रात के करीब 11 बजकर 25 मिनट में दमकल वाहन पहुंचने के बाद रेलवे के अधिकारी व दमकल कर्मी संतुष्ट हुए। इसके बाद रात के करीब 11 बजकर 40 मिनट में तीसरे नम्बर प्लेटफॉर्म में हटिया-टाटा मेमू पैसेंजर ट्रेन आयी एवं रात करीब 12 बजे हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस को पास किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान यात्री भी काफी परेशान दिखे। वही तिरुलडीह रेलवे स्टेशन के आसपास के कई यात्री घर भी वापस भी लौट गए।

Edited By: Rakesh Ranjan