जमशेदपुर, जासं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फिलहाल बारहवीं की बोर्ड परीक्षा रद करने पर कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, परीक्षा रद करने या आनलाइन परीक्षा दोनों विकल्प पर विचार हो रहा है। छात्रों एवं अभिभावकों की परेशानी पर जल्द निर्णय लेने की कसरत जारी है।

झारखंड में भी परीक्षा होने लायक अनुकूल स्थिति नहीं दिख रही है।  जमशेदपुर में सीबीएसई से संबद्ध एक स्कूल शिक्षक ने बताया कि फिलहाल परीक्षा रद करने की सूचना उन्हें नहीं मिली है। कोरोना को देखते हुए इसे स्थगित भर किया गया है। यदि रद किया जाएगा, तो इसकी सूचना अवश्य मिलती। उनका कहना है कि कई लोग तरह-तरह की बातें कर रही हैं, जो सिर्फ अनुमान पर आधारित हैं।

रद रखी गइ है परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 14 अप्रैल को कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से दसवीं की परीक्षा रद करने और बारहवीं की परीक्षा स्थगित करने की बात कही थी। यह परीक्षा चार मई से होनी थी, लेकिन अप्रैल में ही कोरोना का भयावह रूप सामने आने लगा। इसी दौरान झारखंड में भी कोरोना के मामले बेतहाशा बढ़ने लगे। अस्पतालों में बेड की कमी हो गई। इसके लिए आनन-फानन जमशेदपुर में कई स्कूलों को कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। साकची स्थित केरला समाजम मॉडल स्कूल के पुराने भवन में 300 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। इसी बीच साकची स्थित ग्रेजुएट स्कूल को भी कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि कालेज जब तक नए भवन में शिफ्ट नहीं हो जाता, ऐसा करना मुश्किल होगा। देखने वाली बात होगी कि ऐसा कब तक होता है। फिलहाल जो स्थिति है, उसके मुताबिक झारखंड में कोई परीक्षा होने की स्थिति नहीं दिख रही है।

परीक्षा कराने का भी विकल्प

सीबीएसई ने 12वीं की परीक्षा रद कर दी थी, उसे एक बार फिर कराने पर के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। आनलाइन परीक्षा लेने को एक धडा सहमति जता रहा है। इस खबर से ही छात्रों-अभिभावकों में खलबली मच गई है।  स्थानीय अभिभावकों ने कहा कि यदि सचमुच ऐसा हो गया तो बहुत परेशानी होगी। कई छात्रों ने यह सोचकर पढ़ाई छोड़ दी थी कि अब परीक्षा नहीं होगी। लेकिन यदि सीबीएसई ऐसा करती है तो उन्हें फिर से पढ़ना होगा। इसके लिए सीबीएसई को कम से कम एक माह का समय देना होगा, वरना कई बच्चों का कॅरियर खराब हो जाएगा। हालांकि खबर यह आ रही है कि इस पर मई के अंत तक ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। पहले सीबीएसई ने कहा था कि जून में परीक्षा हो सकती है। छात्रों को 15 दिन का समय दिया जाएगा।  झारखंड सरकार ने भी राज्य में हर तरह की परीक्षा रद करने की घोषणा कर दी थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि केंद्र या राज्य स्तर पर कोई भी परीक्षा झारखंड में नहीं होगी। यदि सीबीएसई परीक्षा कराने की तैयारी में है, तो झारखंड सरकार भी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है। हालांकि इसकी संभावना कम दिख रही है।

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