जमशेदपुर, जासं। काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन (सीआईएससीई) से संबद्ध स्कूलों में अब में नौवीं से 12वीं तक के छात्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष होगा। यह निर्णय कोरोना को देखते हुए लिया गया है, ताकि अंतिम समय में वार्षिक परीक्षा रद करने का नुक्सान छात्रों को नहीं उठाना पड़े।

इसके तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा तक जितनी भी परीक्षा होगी, उसका रिकार्ड रखते हुए छात्र का मूल्यांकन किया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि कोरोना की समस्या आगे भी हो सकती है, इसलिए ऐसी तैयारी की जाए, जिससे छात्रों को अंक देने में परेशानी नहीं हो। औसत मूल्यांकन करने से प्रतिभाशाली छात्रों और उनके अभिभावकों को असंतोष होता है। उच्च शिक्षा में दाखिले के दौरान उन्हें दिक्कत होती है।

ज्ञात हो कि कोरोना की वजह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बाद सीआईएससीई ने दसवीं की परीक्षा रद कर दी थी। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा स्थगित करते हुए जून के पहले सप्ताह में निर्णय लेने की बात कही गई थी। इसके बाद ही इस बात पर विचार-विमर्श शुरू हो गया कि भविष्य में ऐसी परिस्थिति होने पर छात्रों का मूल्यांकन कैसे किया जाए। यहां यह बताना लाजिमी है कि सीआइसीएससीई ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई घोषणा नहीं की है।

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