जमशेदपुर, अमित तिवारी। कोरोना वायरस के यूके व डबल म्यूटेंट स्ट्रेस किसी को समझ में नहीं आ रहा है। कोई कम्युनिटी ट्रांसमिशन से भी बुरे हालात बता रहा है तो कोई वायरस को हवा में तैरने की बात कह रहा है। सच्चाई क्या है वह तो नहीं पता लेकिन इसी बीच जमशेदपुर से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है।

परसुडीह स्थित सदर अस्पताल पूरे राज्य का पहला ऐसा हॉस्पिटल है जहां ओपीडी में आने वाले सभी तरह के मरीज व उनके अटेंडरों की जांच की जा रही है। उसके बाद रिपोर्ट आने के बाद ही प्रवेश मिल रहा है। एक सप्ताह के अंदर दो हजार 27 लोगों की जांच हुई है। इसमें 187 लोग (9.22 फीसद) पॉजिटिव मिले हैं, जो चौंकाने वाली है। इसमें नाक-कान, गला, दांत, चर्म, मेडिसीन, महिला एवं प्रसूति रोग के मरीज शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि इन रोगियों को थोड़ा भी शक नहीं था कि वे कोरोना पॉजिटिव भी हो सकते हैं। वे दूसरी बीमारी का इलाज कराने पहुंचे थे लेकिन निकला कोरोना। उसके बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी गई है। इन रोगियों में किसी तरह का लक्षण मौजूद नहीं था और वे बिंदास अपने बच्चे, परिवार के साथ रह रहे थे।

पूरे जिले में होगा लागू, दूसरे जिला भी अपना सकते हैं

सिविल सर्जन डॉ. एके लाल की पहल व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एबीके बाखला की मेहनत की सराहना खूब हो रही है। दरअसल, हाल के दिनों में मरीजों के माध्यम से डॉक्टर, नर्स व कर्मचारी तेजी से संक्रमित होने लगे। हॉस्पिटल चलाना मुश्किल होने लगा। ऐसे में सिविल सर्जन ने पहल करते हुए ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य कर दिया। शुरुआती दिनों में चिकित्सकों को लगा कि यह कैसे संभव हो पाएगा लेकिन अब वे भी खुश है और अपनी-अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। इसे दूसरे केंद्रों पर भी लागू किया जाएगा।

सदर अस्पताल को मिल चुका है कई सारे अवार्ड

सदर अस्पताल में अक्सर नए-नए प्रयोग होते रहा है। इसके लिए तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव निधि खरे, डॉ. नीतिन मदन कुलकर्णी व वर्तमान सचिव केके सोन, सभी सराहना कर चुके हैं। वहीं, केंद्र व राज्य सरकार की ओर से भी कई सारे अवार्ड प्राप्त हो चुका है। अब ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच पूरे जिले में शुरू करने की तैयारी है। ताकि लोग भी बच सकें और डॉक्टर, नर्स व स्वास्थ्य कर्मियों को भी बचाया जा सके।

तिथि - सैंपल - पॉजिटिव

  • 14 अप्रैल - 262 - 18
  • 15 अप्रैल - 268 - 20
  • 16 अप्रैल - 280 - 16
  • 17 अप्रैल - 483 - 36
  • 18 अप्रैल - 126 - 07
  • 19 अप्रैल - 366 - 53
  • 20 अप्रैल - 242 - 37

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कुल - 2027 - 187

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ये कहते डाॅक्टर

पहले ओपीडी में चिकित्सकों को लक्षण मिलता था तो जांच कराई जाती थी लेकिन अब सभी को बाहर में भी रैपिड जांच की जा रही है। रिपोर्ट भी चौंकाने वाली सामने आ रही है।

- डॉ. एके लाल, सिविल सर्जन।

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