जमशेदपुर, जासं। एडीएल सोसाइटी कदमा में कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर कौन झूठ बोल रहा, कौन सच यह कहना मुश्किल हो रहा है। वित्तीय गड़बड़ी पर कमेटी के पदाधिकारी ही आमने-सामने खड़े दिखाई पड़ रहे हैं। एक ओर एडीएल सोसाइटी से पदमुक्त किए कोषाध्यक्ष पी सिमाद्री व सहायक सचिव एम नागेश्वर राव की ओर से बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन कर संस्था के महासचिव मज्जी रवि कुमार व चेयरमैन सत्या राव पर भ्रष्टाचार को पनाह देने का आरोप लगाया गया है।

बताया गया कि इनके द्वारा संस्था में कई तरह की वित्तीय गड़बड़ियां की गई है। पी सिमाद्री ने कहा कि इस कारण ही उन्हें पदमुक्त किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों महासचिव रवि कुमार द्वारा हॉल के निर्माण के लिए मिट्टी का स्थानांतरण करने का एक फर्जी तरीके से 869000 का बिल दबाव बनाकर पास कराना चाहा, जिसमें संस्था के कई लोगों को रुपयों का लालच देकर हस्ताक्षर करवाया। सिमाद्री ने कहा कि जब उनकी ओर से जांच की गई तो पता चला यह बिल फर्जी है। इस बिल को उन्होंने पास नहीं किया। कुल 15 बिंदुओं की वित्तीय अनियिमतता की रिपोर्ट जब महासचिव से मांगी गई तो परेशान हो गए। पी सिमाद्री ने यह दावा किया कि उनके द्वारा उठाए गए पंद्रह बिंदु के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। अगर इनमें एक भी आरोप झूठे साबित हुए तो वे स्वयं इस्तीफा दे देंगे।

तो कानून का सहारा लेंगे

उन्होंने कहा कि आज उनके कारण ही संस्था में कैश लेन-देन नाम मात्र का हुआ। लाखों रुपए फिक्सड डिजोटिट हुए है। उन्होंने कहा कि वे हर हाल में अपना दायित्व निभाते रहेंगे उन्हें कोई रोक नहीं सकता। अगर रोका गया तो कानून का सहारा लेंगे। संस्था के सहायक सचिव एम नागेश्वर राव ने कहा कि महासचिव द्वारा तानाशाही किया जा रहा है संविधान के अनुसार प्रत्येक वर्ष वार्षिक आमसभा बुलानी चाहिए मगर पिछले तीन वर्षों में महासचिव ने इसे जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यकारिणी सदस्य को इनके द्वारा हटाने का हमारे संविधान में नहीं है यदि किसी भी सदस्य को हटाना होता है तो उसे पहले वार्षिक आमसभा में लाया जाना जरूरी है अन्यथा यह संविधान का उल्लंघन है।

ठेका नहीं मिलने के कारण लगा रहे आरोप : महासचिव

 बिष्टुपुर तुलसी भवन में एडीएल सोसाइटी से पदमुक्त किए गए कोषाध्यक्ष पी सिमाद्री तथा वर्तमान सह सचिव एम नागेश्वर राव द्वारा सोसाइटी के महासचिव मज्जी रवि पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर मज्जी रवि ने कहा कि सारे आरोप मनगढंत हैं। कोई साक्ष्य नहीं है। पदमुक्त किए गए कोषाध्यक्ष की ओर से बताया कि उन्हें 18 फरवरी को 15 बिंदुओ का लेटर समर्पित किया गया है, यह बिल्कुल ही झूठा है। वे फाल्स लेटर बनाकर आजीवन सदस्यों को दिगभ्रमित करते हुए संस्था को बदनाम कर रहे हैं।

हॉल के ट्रक स्ट्रक्चर का ठेका चाहिए था

दरअसल, पी सिमाद्री को एडील के हॉल के ट्रक स्ट्रक्चर का ठेका चाहिए था। यह नहीं मिलने के कारण वे महासचिव व अध्यक्ष की अनुमति लिए बगैर कई वित्तीय कार्यो का संचालन कर रहे थें। यह संविधान विरूद्ध था। महासचिव ने कहा कि उन्होंने खर्च की राशि का ब्योरा मांगा था, आज तक उन्हें नहीं दिया गया। जहां तक मिट्टी के कार्य की बात वे कर रहे हैं, उनका सारा प्रमाण उनके पास मौजूद है कि किस कंपनी ने कितना कार्य किया। इधर स्कूल सचिव एम नागेश के बारे में महासचिव ने कहा कि 22 माह में वे एक बैठक नहीं करा पाएं वे एजीएम कराने की बात कर रहे हैं। शर्म आनी चाहिए। वे स्कूल के शिक्षकों के साथ भेदभाव करते हैं। आज तक प्रिंसिपल के बारे में अपनी लिखित राय नहीं बता सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पूर्व अध्यक्ष वाई ईश्वर राव हाईकोर्ट से मामला वापस नहीं लेते हैं और इंटरनल ऑडिट नहीं होगा तब तक एजीएम नहीं होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वाई ईश्वर राव के समय बिना चुनाव के कमेटी को पांच साल तक चलाया गया।

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