जमशेदपुर, जासं। टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई टायो रोल्स अक्टूबर 2016 से बंद है और मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में विचाराधीन है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में टायो रोल्स के 228 कर्मचारियों को नई आस बंधी है।

कर्मचारियों ने पिछले साल झारखंड सरकार के श्रम सचिव को पत्र भेजकर कंपनी से अंतिम पावना (फाइनल सैटलेमेंट) दिलाने की मांग की थी। इसमें झारखंड सरकार के तत्कालीन श्रम सचिव एसकेजी रहाठे का अक्टूबर 2016 में आए आदेश को आधार बनाया गया है। जिसमें उन्होंने कंपनी प्रबंधन को प्लांट बंद नहीं करने का आदेश दिया था। तत्कालीन श्रम सचिव रहाठे के इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट ने भी यथावत रखा था। इसी को आधार बनाते हुए 228 कर्मचारियों ने कंपनी बंद होने से अपनी सेवानिवृत्त तक का पूरा वेतन, पीएफ, फाइनल सेटेलमेंट का कुल एक अरब 90 करोड़ 43 लाख आठ हजार 184 रुपये दिलाने का दावा किया है। कर्मचारियों ने 26 सितंबर 2019 को श्रम विभाग को इस संबंध में पत्र भेजा था। जिस पर सरकार ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी जमशेदपुर के उप श्रमायुक्त को सौंपी है।

 डीएलसी ने 18 अगस्‍त को बुलाई बैठक

उप श्रमायुक्त ने भी इस मामले में कंपनी के अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल अनीस अग्रवाल को पत्र भेजकर पूरे मामले में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए 18 अगस्त 2020 को अपने कार्यालय में बैठक बुलाई है।

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