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जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। कम्युनिस्ट इंटरनेशनल की 1937 में आयोजित सातवीं कांग्रेस में ज्यॉर्जी दिमित्रोव ने जो शिक्षा दी थी वह आज भी प्रासंगिक है। उस शिक्षा को आत्मसात करने की जरूरत है। यह निष्कर्ष निकला रविवार को पासवान भवन गोलमुरी में आयोजित विचार गोष्ठी का। कॉमरेड विजय कुमार सिंह की स्मृति में फासिज्म के विजय और अंत पर दिमित्रोव के विचार विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन जनवादी लोकमंच की ओर से किया गया।

विभिन्न वक्ताओं के विचारों के बाद यह निष्कर्ष निकला की दिमित्रोव की शिक्षा को आत्मसात करते हुए संघर्ष की रणनीति अगली बैठक में तय की जाएगी। गोष्ठी में मुख्य वक्ता अर्जुन प्रसाद सिंह थे। अन्य वक्ताओं में सियाशरण शर्मा, विजय राय, मंथन, डीएनएस आनंद, सीपीआइ के जिला सचिव शशि कुमार, सुजय दास, देवाशीष मुखर्जी ने अपने विचार रखे। समापन राम सविंद्र सिंह के वक्तव्य से हुआ। संचालन अशोक शुभदर्शी व धन्यवाद ज्ञापन शैलेंद्र अस्थाना ने किया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर विजय कुमार सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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