जमशेदपुर, जासं। आदित्यपुर इंडस्ट्रीयल एरिया में एक भी कंपनी बंद नहीं होने देंगे। जल्द ही दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) से कोल्हान की कंपनियों की बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी इसके लिए दिसंबर तक का समय मांगा है। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में उद्यमियों को संबोधित करते हुए जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने ये बातें कहीं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री व बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक रांची में होगी। इसमें बिजली की व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चांडिल से लेकर आदित्यपुर, मुसाबनी से लेकर बहरागोड़ा की कंपनियों को भी डीवीसी की बिजली मिले, इसके लिए पहल होगी। वहीं, उन्होंने बताया कि जुस्को की बिजली जुगसलाई व मानगो की जनता को भी मिले इसके लिए हम प्रयासरत हैं। बैठक के दौरान चुनाव जीतने के बाद पहली बार चैंबर भवन पहुंचे सांसद का उद्यमियों ने स्वागत किया। वहीं, सांसद ने भी भारी मतों से जिताने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन सुविधाओं, उद्योग व रोजगार से इस लोकसभा को और बेहतर बनाने के लिए हमारी कोशिश है इसके लिए हर पहल करने को मैं तैयार हूं।

एक अधिसूचना से मिल सकती है डीवीसी की बिजली

बैठक में सहायक सचिव महेश सोंथालिया ने कहा कि डीवीसी में केंद्र व राज्य सरकार की हिस्सेदारी है। ऐसे में डीवीसी 1948 एक्ट की धारा 30 के तहत राज्य सरकार ही एक अधिसूचना जारी कर सभी उद्यमियों को बिजली दे सकती है। लेकिन इसके लिए इच्छा शक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीबीएनएल) अपनी मनमानी करते हुए बिजली की दर में बढ़ोतरी कर दी है। वो अपना घाटा व्यापारियों के ऊपर डाल रहे हैं। जिससे कोल्हान के उद्योग मरणासन्न की स्थिति में है। डीवीसी की दर 2.95 रुपये प्रति यूनिट जबकि जेवीबीएनएल की 5.50 रुपये प्रति यूनिट है जिसके कारण उद्यमियों का उत्पादन लागत बढ़ गया है इसलिए कंपनी कंपनियों ने अपने उत्पादन को बंद कर दिया है।

कम हो टाटा मोटर्स की मनमानी

सांसद ने माना कि टाटा मोटर्स के अधिकतर अधिकारी महाराष्ट्र के हैं इसलिए वे अधिकतर माल कोल्हापुर, शोलापुर सहित महाराष्ट्र से मंगवाते है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि टाटा मोटर्स स्थानीय कंपनियों से सामान ले, इसके लिए उन्हें आदेश देने की जरूरत है ताकि स्थानीय कंपनियों का भी रोजगार चलता रहे।

एमजीएम की अव्यवस्था की मॉनिट¨रग की जरूरत

श्रवण देबुका के सवाल का जवाब देते हुए सांसद ने माना की एमजीएम में भारी अव्यवस्था है। इसकी मॉनिट¨रग की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष एमजीएम को 200 करोड़ रुपये का फंड मिलता है लेकिन फंडिंग के साथ निगरानी की भी आवश्यकता है। उनहोंने माना कि यहां के डॉक्टरों में सेवा की भावना की कमी है। वहीं, उन्होने बताया कि आकांक्षा योजना के तहत देश के 126 जिलों में झारखंड के भी 18 जिले हैं जिन्हें स्वास्थ्य विभाग से अतिरिक्त फंड मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि आकांक्षा योजना से जो अतिरिक्त फंड मिलेगा उससे पहले जिलास्तरीय फिर अनुमंडल स्तरीय और उसके बाद पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था करे।

सांसद ने ये भी दी जानकारी

  • एयरपोर्ट के लिए मिला 100 करोड़ का आवंटन। जल्द शुरू होगा काम।  
  • टाटा बडबिल व टाटा पुरूलिया रांची रूट के लिए मिला नया ट्रेन। टाटा भागलपुर के लिए तय होगा नया समय।
  • टाटा दानापुर ट्रेन को बक्सर के बजाए मुगलसराय तक बढ़ाने की है मांग।
  • रेलवे ओवर ब्रिज जल्द होगा शुरू। रेलवे के इंजीनिय¨रग विभाग से बात हुई है। ओवरब्रिज के घुमाव में और टूटने हैं कुछ घर। टाटा स्टील से बात कर ऐसे गरीब जनता के लिए दूसरी जगह स्थान चिंहित कर बनवाया जाएगा प्रधानमंत्री आवास।
  • गोविंदपुर ओवर ब्रिज में मुख्यमंत्री से एनओसी देने की मांग। ब्रिज बनने से दूर होगी ट्रैफिक की समस्या।
  • लुआबासा से धालभूमगढ़ के लिए बनेगा नया एप्रोच रोड। 40 मिनट में तय होगी दूरी।
  • लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी के बीच बनेगा नया पुल। सर्वे का काम हुआ पूरा।
  • कोल्हान में नया ऑटोमोबिल सेक्टर का नया प्लांट खुले। रेलवे का कोच फैक्ट्री खुले इसके लिए नीतिन गडकरी व रेल मंत्री पीयूष गोयल को लेकर आएंगे झारखंड।
  • जमशेदपुर अक्षेस में पार्किंग की समस्या की मिली जानकारी। उपायुक्त से मिलकर की जाएगी बात।
  • मुसाबनी में काफी जमीन, मुख्यमंत्री से करेंगे मांग, इन स्थानों पर लगे नई कंपनी।
  • बदाम पहाड़ से क्योंझर के लिए इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 1446 करोड़ का टेंडर हुआ।
  • रेलवे का जोनल ऑफिस रांची या चक्रधरपुर बने। रेल मंत्री से की है मांग।
  • किसने क्या कहा
  • सभी पीएसयू कंपनियां उत्तर प्रदेश में लगती है तो झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार क्यों। केवल टाटा मोटर्स पर निर्भर रहने व जेबीवीएनएल की दर बढ़ने के कारण कंपनी बंद होने के कगार पर है। आयडा में जमीन की प्रति एकड़ दर दो करोड़ रुपये है। कोल्हान के समुचित विकास के लिए जरूरी है कि चांडिल से लेकर बहरागोड़ा तक इंडस्ट्रीयल हब बने। नई कंपनियों को जमीन मिले।
  • -अशोक भालोटिया, अध्यक्ष
  • टाटा जयपुर की सीधी रेल व टाटा यशवंतपुर के बीच तीन दिन का ट्रेन की आवश्यकता है। एनएच 33 बारिश के कारण फिर से बदहाल है उसे ठीक किया जाए।
  • -विजय आनंद मूनका, महासचिव चांडिल में बोकारो से आने वाले भारी वाहनों के कारण जाम लगता है। यहां एक फ्लाई ओवर का निर्माण हो।
  • -निर्मल काबरा, पूर्व अध्यक्ष
  • 2014 से जुगसलाई में बिजली को अंडर लाइन करने की बात हो रही है। बारिश में ब्रेक डाउन से सभी परेशान। इस पर जल्द पहल हो।
  • -एसएन शर्मा, सदस्य हेल्मेट चेकिंग के नाम पर कुव्यवस्था। इसे राजस्व से जोड़ दिया गया है। अच्छा है सरकार एमजीएम की बदहाली को ठीक करने का काम करे क्योंकि इसके कारण पूरे जिले की बदनामी होती है।
  • -श्रवण देबुका, सदस्य

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