जमशेदपुर (जेएनएन)। आजीवन कारावास की सजा काट रहे जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल के 14 व चाईबासा मंडल कारागार के तीन बंदियों को खुली हवा में सांस लेने की आजादी मिलेगी। ये कैदी उन कुल 139 कैदियों में शामिल हैं जिन्‍हें रिहा करने की स्‍वीकृति मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी है।

रांची स्थित मुख्‍यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड राज्‍य पुनरीक्षण पार्षद की अनुशंसा पर मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे राज्‍य के विभिन्‍न जेलों में बंद कुल  139 बंदियों को रिहा करने के लिए अपी स्‍वीकृति दी है। इनमें राज्य के पांच  केंद्रीय कारा, एक मंडल कारा और एक खुला जेल-सह-पुनर्वास कैम्प के कुल 139 बंदी हैं जो रिहा होंगे। मुख्‍यमंत्री ने रिहा होने जा रहे बंदियों से अपील की है कि वे  देश, राज्य, समाज और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करें।

लंबी अवधि बीतने व बेहतर आचरण को बनाया गया आधार 

आजीवन कारावास की सजा पाए बंदियों जिनके द्वारा लंबी सजा अवधि बीत जाने और कारागार में उनके बेहतर आचरण, उनके उम्र और उनके द्वारा किये गए अपराध की प्रकृति आदि पर राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद विचार करती है और अपनी अनुशंसा करती है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही अब ये सभी बंदी अपने परिवार वालों के साथ रह सकेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत  सोरेन ने कहा कि यह दर्शाता है कि अपराधी के जीवन में समाज हित में बदलाव लाना ही सजा का ध्येय होता है। 

बोले सीएम- अपने जिम्मेदारी बोध के साथ समाज के लिए सकारात्मक कार्य करें

मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेरी शुभकामनाएं रिहा हो रहे बंदियों के साथ हैं। उन्होंने यह अपील की कि है रिहा हो रहे बंदी नये सिरे से अपनी जिंदगी को शुरू करते हुए देश, राज्य, समाज और अपने परिवार के प्रति अपनी महती जिम्मेदारी का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे लिये शासन एक जिम्मेदारी का अहसास है। रिहा हो रहे बन्दी भी अपने जिम्मेदारी बोध के साथ समाज के लिए सकारात्मक कार्य करें।

किस कारागार के कितने बंदी होंगे रिहा

झारखण्ड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार के 62, लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग के 26, केंद्रीय कारा, दुमका के 29, केंद्रीय कारा, घाघीडीह, जमशेदपुर के 14, केंद्रीय कारा, मेदिनीनगर, पलामू के चार, मंडल कारा, चाईबासा के तीन और खुला जेल-सह-पुनर्वास कैम्प हजारीबाग के 1 आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी को रिहा करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी है। 

 

Posted By: Vikas Srivastava

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