जमशेदपुर, जासं। घाघीडीह जेल प्रशासन ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे 13 कैदियों को रिहा कर दिया है। इन कैदियों को छोडऩे की सूचना पहले से इनके परिवार वालों को दे दी गई थी। कैदियों के परिजन इन्हें लेने के लिए जेल पहुंच गए थे।

जेल में एक कार्यक्रम का आयोजन कर इन बंदियों को रिहाई दी गई। जेल अधीक्षक सतेंद्र चौधरी ने इन सबको रिहा किया। जेलर ने कैदियों का मुंह मीठा कराया। पढऩे के लिए पुस्तक दी और गिफ्ट दिया और कहा कि अब भूल कर भी इधर मत आना। समाज की मुख्य धारा से जुड़ो और अच्छे काम करो। जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे इन बंदियों की रिहाई का मामला झारखंड राज्य पुनरीक्षण परिषद में पहुंचा था। परिषद की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन बंदियों को रिहा करने की अनुमति दी थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने 23 जनवरी को इन 13 बंदियों को रिहा करने का एलान किया था। जेल प्रशासन ने परिषद को 22 बंदियों को रिहा करने की अर्जी भेजी थी। लेकिन, इसमें से नौ बंदियों की अर्जी खारिज हो गई है। 

बेहतर आचरण को बनाया गया आधार 

आजीवन कारावास की सजा पाए 13 बंदियों ने लंबी सजा काट ली है। कोई 15 साल से जेल में है तो कोई 17 साल से। कारागार में उनके बेहतर आचरण, उनकी उम्र और उनके द्वारा किए गए अपराध की प्रकृति आदि पर राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद ने विचार करते हुए इन 13 बंदियों की रिहाई की अनुशंसा की थी। अब ये सारे बंदी छूट गए हैं और अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। 

ये कैदी हुए रिहा

1- ओमप्रकाश महतो पुत्र स्व. गुरुप्रसाद महतो 

2- बाले मुर्मू पुत्र स्व.  कुंवर मुर्मू

3- चम्बरा लांगुरी पुत्र स्व. बामें लांगुरी 

4- भुवन सिंह उर्फ भुकू पुत्र सुरेंद्र सिंह

5- दाऊद उर्फ डेनियल टोप्पो पुत्र चार्लिस टोप्पो 

6- छोटू राम उर्फ गंधा उर्फ टिंकू उर्फ बिल्ली उर्फ रंजन पुत्र स्व. मुटकी राम

7- कपिल यादव पुत्र बेंद यादव उर्फ विनोद यादव 

8- लक्ष्मीकांत महतो पुत्र स्व. अमृत महतो 

9- गोपाल मछुआ पुत्र कटुरतन मछुआ 

10- यशपाल सिंह सुंडी पुत्र स्व. केदारनाथ सुंडी 

11- सुनील सरदार पुत्र किरण सरदार 

12- लेढ़ा कैवर्तो पुत्र गोकुल कैवर्तो 

13- प्रेम सुरीन पुत्र स्व. डारो सुरीन 

Posted By: Rakesh Ranjan

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