हजारीबाग : नाबालिग नौकरानी को प्रताड़ित करने के मामले में फरार बड़कागांव बीडीओ दंपती के खिलाफ सीजेएम ऋचा श्रीवास्तव की कोर्ट ने शुक्रवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सदर थाना पुलिस ने वारंट लेकर बीडीओ राकेश कुमार व उसकी पत्नी आरती देवी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिया है। बीडीओ के पास के नाबालिग लड़की (नौकरानी) को पहुंचाने के आरोपित बड़कागांव निवासी विनय मेहता के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। दूसरी ओर बीडीओ राकेश कुमार ने प्रधान व जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। जमानत याचिका को एडीजे प्रथम रमेश कुमार की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। अग्रिम जमानत याचिका में बीडीओ राकेश कुमार ने कोर्ट से स्वयं को निर्दोष बताते हुए षडयंत्र के तहत फंसाने की बात कही है। 21 अक्टूबर को बीडीओ की याचिका पर सुनवाई होगी।

वहीं वारंट प्राप्त होते ही सदर थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस को बीडीओ के घर का पता, पत्नी का नाम सहित अन्य सारी जानकारी कार्मिक विभाग की ओर से उपलब्ध करा दी गई है।

ज्ञात हो कि बड़कागांव बीडीओ राकेश कुमार व उनकी पत्नी पर नाबालिग नौकरानी ने 200 रुपये चोरी के मामले में पिटाई और गर्म आयरन से दागने का आरोप लगाया है। पूरे मामले में पीड़िता का फर्द बयान दर्ज हुआ है। पीड़िता की मां नहीं होने के कारण उसको मौसी की संरक्षण में रखा गया है। प्राथमिकी दर्ज होते ही बीडीओ दंपती फरार हो गए। 20 दिनों से बीडीओ फरार हैं। उनके यहां नाबालिग को चार माह पहले काम के लिए लाया गया था। पूरी घटना सरकारी बस स्टैंड के समीप बीडीओ के सरकारी आवास पर हुई। पीड़िता के अनुसार उसे घर पर रखकर 15 दिनों तक इलाज के बाद बड़कागांव चौक पर बीडीओ ने वाहन से उतारकर घर चले जाने की बात कही थी। वहीं मुंह नहीं खोलने के एजव में एक लाख रुपये भी देने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमा जागा और प्राथमिकी दर्ज हुई।

Posted By: Jagran

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