केरेडारी : प्रखंड के आदर्श गांव कराली के ग्रामीणों ने इस बार दीपावली पर्व अर्थात

अंधकार पर प्रकाश की विजय सार्थक बना दिया। दीपावली पर दीयों के निकला प्रकाश उनकी सोच को साकारात्मक बना गया।

इस नई सोच के साथ ही गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने गांव में शराब से तौबा कर ली है। शराब बंदी का आह्वान कर दिया है। लोगों के इस पहल में गांव के हर घर का समर्थन प्राप्त है। यहां तक कि निर्णय लिया गया कि इनके खर्च होने वाले पैसे को अपने बच्चों की मिठाई और नये कपड़ों पर खर्च करें। साथ हीं सभी लोग अपने बच्चों को विद्यालय सौ प्रतिशत भेजने पर सहमति जताई। इसे लेकर प्रखंड के बीडीओ देवलाल उरांव, सीओ मांदेव प्रिया, बीईईओ शिवशंकर प्रसाद अकेला ने कराली गांव के लोगों को साधुवाद दिया है।

केंद्र व राज्य सरकार ने कराली गांव को आदर्श गांव के रूप में चयनित किया है। ग्रामीण इसे आदर्श गांव बनाने के सपने को पूरा करने में लगे हैं। बताया जाता है कि कराली गांव में सभी ग्रामीणों ने एक पंचायत कर शराब बंदी का सार्वजनिक अहम निर्णय लिया। इसमें

यदि कोई शराब पीते पकड़ा गया तो उसे जुर्माना के रूप में 551 रूपये और

यदि शराब बनाते पकड़ा गया तो 1100 रूपये जुर्माना के तौर पर पंचायत में

जमा करना होगा। मौके पर गांव के अर्जुन राम, सितेंद्र कुमार, नारायण राम, विशेश्वर

राम, महेंद्र राम, मनोहर राम, पवन राम, गीता देवी, अनिता देवी, उर्मिला देवी, महेश राम, धनेश्वर राम, र्तीथ राम, प्रदीप राम, नरेश राम समेत सैकडों ग्रामीण उपस्थित थे।

Posted By: Jagran