हजारीबाग : जैन धर्मावलंबियों के लिए सबसे बड़ा महान व महत्वपूर्ण महापर्व पर्युषण की शुरुआत 14 सितंबर से हो रही है। 23 सितंबर तक चलने वाले इस पर्वराज को दशलक्षण पर्युषण पर्व भी कहा जाता है। प्रतिवर्ष भाद्र शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक यह पर्व पूरे जैन समाज में बहुत ही उत्साह से मनाया जाता है। विचार शुद्धि का श्रेष्ठ साधन है पर्वराज पर्युषण। 13 सितंबर दिन गुरुवार को प्रात: 6:30 बजे घट यात्रा बाडम बाजार दिगंबर जैन मंदिर से आचार्य श्री 108 शीतल सागर जी महाराज के सानिध्य में प्रारंभ होगी जिसमें गाजे बाजे, श्री जी की पालकी के साथ घट यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए बड़ा बड़ा दिगंबर जैन भवन में समाप्त होगी। तत्पश्चात मंडप की शुद्धी व ध्वजारोहण का कार्यक्रम होगा। मुख्य संयोजक निर्मल गंगवाल ने कहा की घट यात्रा में महिलाएं केसरिया व पुरुष श्वेत वस्त्र धारण करेंगे। 8.30 बजे आचार्य श्री का मंगल प्रवचन होगा। मीडिया प्रभारी बिजय लुहाडीया ने बताया कि इस बार श्री जिनचक्र महामंडल 24 तीर्थंकर दस दिवसीय विधान का आयोजन दसलक्षण महापर्व पर बड़ा बाजार दिगंबर जैन भवन में किया गया है। प्रतिदिन आचार्य श्री शीतल सागर जी महाराज का मंगल प्रवचन प्रात 8.30 बजे दस धर्मों पर होगा। समाज के अध्यक्ष धीरेन्द्र सेठी व महामंत्री पवन अजमेरा ने बताया कि 23 सितंबर को क्षमावाणी व सामाजिक गोठ के साथ महापर्व का समापन हो जाएगा।

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