जागरण संवाददाता, हजारीबाग : एनटीपीसी की आउटसोर्सिग कंपनी त्रिवेणी सैनिक के जीएम एचआर गोपाल सिंह की बुधवार की रात अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या की घटना को सदर थाना क्षेत्र के जुलू पार्क में अंजाम दिया गया। यहीं पर एनटीपीसी का ट्राजिट कैंप भी है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गोपाल सिंह ऑटो से किसी से मिलने के लिए जुलू पार्क पहुंचे थे। यहा करीब आधा घटा बिताने के बाद वापस ऑटो से लौटने की तैयारी कर रहे थे, जैसे ही वे ऑटो में बैठे इसी दौरान किसी अज्ञात अपराधी ने उन्हें गोली मार दी जिससे ऑटो में ही उनकी मौत हो गई। आसपास के लोगों ने गोली चलने की सूचना पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से अपराधी के द्वारा फेंका पिस्टल बरामद किया है। बड़ी बात यह है कि बड़कागाव में एनटीपीसी के कोल प्रोजेक्ट से जुड़े कंपनी के डीजीएम बॉडीगार्ड के साथ चलते थे, उनकी अपनी गाड़ी भी थी, पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। फिर भी वह रात नौ बजे अकेले ही किसी से मिलने पहुंचे थे। घटना के बाद जुलू पार्क इलाके को सील कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं, प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है लेकिन अभी घटना के संबंध में भी कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। जीएम गोपाल सिंह के शव को हजारीबाग सदर अस्पताल में रखा गया है। कंपनी के भी आला अधिकारी वहा पहुंच रहे हैं, गोपाल सिंह कंपनी में 2 साल से जीएम थे। उनके नेतृत्व में ही कंपनी के द्वारा कोयला निकालने का कार्य शुरू किया गया था। पहले भी उन्हें नक्सलियों के द्वारा धमकी मिल चुकी थी। इसके बाद कंपनी समेत अधिकारियों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।

सुरक्षा मिलने के बाद भी अकेले ऑटो से क्यों पहुंचे गोपाल सिंह को भारी सुरक्षा मिली हुई थी, वह हजारीबाग में मटवारी में रह रहे थे लेकिन सुरक्षा को छोड़कर वह ऑटो लेकर अकेले ज़ुलू पार्क क्यों पहुंचे थे, इस सवाल ने सभी को उलझा दिया है। जानकारी के मुताबिक ऑटो को उन्होंने सुरेश कॉलोनी मोड पर ही रोक दिया व वहा से उतर कर पैदल ही जुलू पार्क गए थे। आधे घटे के बाद फिर ऑटो को बुलाया था।

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सूचना के बाद डीआइजी व एसपी घटनास्थल पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही डीआइजी पंकज कंबोज और एसपी मयूर पटेल जुलू पार्क की स्थित घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। घटना की तफ्तीश की जा रही है। बताया जा रहा है कि जुलू पार्क में त्रिवेणी सैनिक के पुराने स्टाफ देवेंद्र सिंह (जिनका तबादला छत्तीसगढ़ हो चुका है) के मकान में रह रहे आरके सिंह के पास आये थे। वह उनके मकान में करीब आधा घटा रुके थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।

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पिस्टल में लिखा है पीएलएफआइ बताया जाता है जिस युवक ने गोपाल सिंह को गोली मारी वह वारदात वाले जगह में मौजूद एक दुकान में खड़ा था। जैसे ही गोपाल सिंह ऑटो में बैठे वह ऑटो के बेहद करीब आया और गोपाल सिंह पर गोली चला दी और पिस्टल फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने जिस पिस्टल को बरामद किया है उस पर उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ लिखा है। ज्ञात हो कि उग्रवादी संगठन की धमकी की वजह से ही गोपाल सिंह को बॉडीगार्ड मुहैया कराई गई थी।

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पॉकेट से 1,60,000 व दो मोबाइल बरामद

पुलिस ने गोपाल सिंह के पॉकेट से 1,60,000 व दो मोबाइल बरामद किया है। कोट पुलिस के द्वारा गोपाल सिंह को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। बॉडीगार्ड मिले हुए थे लेकिन इन सबके बावजूद वे ऑटो से यहा पहुंचे थे। घर में रुकने के बाद वे जैसे ही ऑटो में बैठे पहले से ताक लगाए अपराधी ने उन्हें गोली मार दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है - पंकज कंबोज, डीआईजी

Posted By: Jagran

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