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चलती रही बर्फीली हवाएं, लोग हुए हलकान, अलाव का लिया सहारा

संवाद सहयोगी, हजारीबाग : पाकिस्तान और राजस्थान के कई हिस्सों में बने कम वायमंडलीय दबाव के असर के कारण जिला के मौसम में आए बदलाव का असर सोमवार को भी दिखा। दिनभर आसमान में बादल छाया रहा और धूप नहीं निकली । हालांकि शाम को थोडी देर के लिए लोगों को सूर्य देव का दर्शन हुआ। वहीं दिन भर ठंडी हवाएं भी चलती रही । आसमान में बादल छाए रहने के कारण जगह-जगह कोहरा पसरा हुआ था। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के कारण लोगों को ठंढ के बढने का अहसास हो रहा था। हालांकि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मंगलवार से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम के साफ रहने की उम्मीद है, जबकि पारा के और गिरने का अंदेशा जताया जा रहा है। रविवार की रात में भी आसमान में बादल छाए रहने के कारण कोहरे का असर दिख रहा था। हवा के साथ कोहरा के बहने के कारण लोगों को बारिश जैसा एहसास हो रहा था। रात को पारा लुढकर 7 डिग्री पर पहुंच चुका था। वहीं सोमवार दिन भर ठंढी हवाओं के चलने के तापमान गिरकर 6 पर पहुंच गया। वहीं सूरज के नहीं निकलने के कारण भी कनकनी बढ गई थी। केवीके की मौसम विज्ञानी डा. सीमा कुमारी से मिली जानकारी के मुताबिक विगत 24 घंटे में 3 मिली बारिश रिकार्ड की गई। वहीं हवा में आद्रता की मात्रा अधिकतम 87 प्रतिशत और न्यूनतम 67 प्रतिशत दर्ज किया गया। मौसम विभाग की माने तो मंगलवार से बादल छंटने की संभावना है मगर अभी दो से तीन दिनों तक लोगों को कनकनी का अहसास होता रहेगा।

बच्चों को बडे बुजुर्गों को हो रही परेशानी

खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों व बडे बुजुर्ग पर दिखा। ठंढ के बढने के कारण एक तरफ जहां बच्चों को बाहर खेलने के बजाए घरों में ही दुबकना पडा। साथ ही ठंढ के कारण बच्चों की तबीयत भी बिगड गई। जिससे अस्पतालों में भीड देखने को मिली। यही कुछ हाल बडे बुजुर्गों का भी रहा। लोग रजाई कंबल में दुबकने को विवश दिखे। साथ ही लोग अलाव व हीटर का उपयोग कर थे। हालांकि बिजली की कटौती के कारण लोग सही ढंग से हीटर आदि का उपयोग नहीं कर पा रहे थे। गरीब-गुरबा की हालत हुई पतली

ठंढ गरीबों के लिए कहर बनकर आया। गरीबों के लिए जिला प्रशासन के द्वारा बांटे गए कंबल पर्याप्त नहीं सिद्ध हुए। साथ ही अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने से भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि वे क्या करें। लोग जिला प्रशासन से नगर निगम प्रशासन को इस कडाके की ठंढ में भी अलाव की व्यवस्था नहीं करने को लेकर कोसते नजर आए। गरीबों के लिए यह मौसम काफी मारक साबित हुआ। आम लोगों के लिए भी अपनी दिनचर्या का पालन करना कठिन हो गया। खराब मौसम और कोहरा छाया रहने के कारण हाइवे आदि पर विजिबिलिटी कम हो गई थी।

फसलें हुई प्रभावित

विगत कई दिनों से आए मौसम में बदलाव का असर फसलों पर भी दिखा। केवीके के कृषि विज्ञानियों के अनुसार अरहर , चना , मसूर और सब्जियों के खेतों में जलजमाव की समस्या हुई। इसके समाधान का उपाय किसान भाईयो को करना चाहिए। वहीं सरसों व प्याज लहसुन की फसलों को कोहरे से बचाने के लिए किसानों को कई प्रकार के अनुशंसित रसायनों का छिडकाव जरूरी है। वहीं गेहूं , पपीता आदि की फसलों के लिए इस मौसम की बारिश फायदा पहुंचाने का कार्य किया।

Edited By: Jagran