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छठ महापर्व को लेकर अब तक उदासीन है नगर निगम प्रशासन

जासं, हजारीबाग : हिदूओं का महत्वपूर्ण त्योहार छठ एवं दीपावली आने में अब कुछ ही दिन शेष है। फिर शहर के झील सहित विभिन्न छठ घाटों की सफाई अब नहीं हो पाई है। इस कारण लोगों को आगामी छठ पर्व के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हांलाकि वार्ड पार्षद सुबोध कुमार पासवान के द्वारा हुरहुरू जोडा तालाब की सफाई कराने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ है। वहीं पार्षद के द्वारा स्थानीय लोगों एवं सफाई मित्रों के सहयोग से कराई गई सफाई के बाद जमा किए गए कचरों का उठाव अब तक नगर निगम प्रशासन के द्वारा नहीं कराया जा सका है। आखिर निगम प्रशासन की सुस्ती कब समाप्त होगी। बताते चलें कि शहर के करीब एक दर्जन से अधिक तालाबों के छठ घाटों पर पूजा का आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है। जहां बडी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। वहीं छठ हिदू आस्था का बडा पर्व माना जाता है, जिसमें साफ-सफाई एवं पवित्रता का बडा महत्व होता है। लेकिन घाटों की सफाई प्रारंभ नहीं किए जाने से लोगों में निराशा है। लोग इसे लेकर नगर निगम को कोसते नजर आए। लोगों का आरोप है कि नगर निगम होल्डिग टैक्स से लेकर सभी टैक्स तो काफी तत्परता से वसूलता है, लेकिन उसी तत्परता से लोगों को नागरिक सुविधाएं क्यों नहीं उपलब्ध कराता है।

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शहरवासियों की प्रतिक्रिया

1. विभा कुमारी

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शहर के छठ घाटों की सफाई प्रारंभ नहीं किया जाना , नगर निगम की निष्क्रियता को दर्शाता है। आखिर छठ लोग कहां और किसा प्रकार मनाएंगे। यह सोचने की बात है। छठ महापर्व सामने है ऐसे में उसकी जल्द से जल्द साफ-सफाई हो जानी चाहिए। नगर निगम को इसके लिए जल्द पहल करना चाहिए। - विभा कुमारी। 2. नंदलाल प्रसाद

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आस्था का महापर्व छठ सामने है। ऐसे में शहर के तालाबों की साफ सफाई जल्द से जल्द शुरू हो जानी चाहिए। तालाबों से कचरों एवं जलकुंभियों को निकाल कर सफाई प्रारंभ करे नगर निगम। - नंदलाल प्रसाद।

3. शैलेश चंद्रवंशी।

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तालाब को जलकुंभियों से निजात दिलाना और निकाले गए जलुकंभियों को डंपिग ग्रांउड तक पहुंचाना नगर निगम कार्य है। आखिर नगर निगम प्रशासन अपने कार्य में इतनी ढिलाई क्यों बरत रहा है। ऐसे में लोगों के पास आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा। - शैलेश चंद्रवंशी।

4. सुधीर कुमार

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शहर के झील तालाबों की को जलकुंभी से मुक्त करने का कार्य अब युद्धस्तर पर प्रारंभ करना चाहिए। साथ ही नगर निगम को जलकुंभियों के कचरे का हटा दिया जाना चाहिए। ताकि लोगों को अच्छा महसूस कर सकें। - सुधीर कुमार।

Edited By: Jagran