बाटम

उत्तम तप धर्म के रूप में मनाया गया पर्यूषण पर्व का सातवां दिन

जासं, हजारीबाग : स्थानीय दिगंबर जैन समाज द्वारा दशलक्षण धर्म के सातवें दिन 16 सितंबर को दिगंबर जैन मंदिर बड़ा बाजार व बाड़म बाजार में प्रात: जिनेंद्र अभिषेक नृत्य पूजन पाठ का आयोजन हुआ। विद्वान पंडित संजीव जी, सांगानेर ने अपने मंगल प्रवचन में उत्तम तप धर्म के दिन कहा कि पर्व की पावनता तप के द्वारा होती है। पर्व आत्मा को पवित्र बनाने का साधन है और आत्मा तप के बिना पवित्र नहीं हो सकती। तप करने पर शरीर जितना कठोर बन जाता है, आत्मा में उतनी ही कोमलता उत्पन्न होनी चाहिए। दोपहर में 1:30 बजे पंडित जी का तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ के अध्यायों का वाचन बाड़म बाजार मंदिर में हुआ। 3:00 बजे दोनों मंदिरों में सुगंध दशमी का पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया गया। धूप अर्जन अर्पित कर वातावरण को सुगंध मय बनाया। संध्या में दोनों मंदिरों में भव्य महाआरती का कार्यक्रम हुआ। रात्रि में 7:30 बजे बड़ा बाजार दिगंबर जैन मंदिर में पंडित जी का शास्त्र वाचन व उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला गया, तत्पश्चात प्रश्न मंच का कार्यक्रम हुआ तथा जैन युवा परिषद के द्वारा विजेताओं को पारितोषिक किया गया। पुरस्कार जीतने वाले में श्रुती बड़जात्या, लक्ष्य लुहाड़ीया, बबीता बोहरा, रश्मि अजमेरा, सुनीता रावका , सपना अजमेरा, मुन्ना छाबडा, मानवी लुहाड़ीया व संजीव अजमेरा थे। मीडिया प्रभारी विजय लुहाड़ीया ने बताया कि दशलक्षण पर्व साधना का पर्व है और कल पंडित जी का उत्तम त्याग धर्म पर प्रवचन होगा। मीडिया प्रभारी विजय लुहाड़िया ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं खूब धर्म का लाभ ले रहे है। प्रात: जोर सोर से संगीतमय पूजन करके स्वंय को धन्य कर रहे है, दोपहर तत्वार्थ सूत्र के प्रत्येक सूत्र के गूढ़ से गूढ़ रहस्यों को सरलतम ढंग से समझा रहे है।

Edited By: Jagran