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कई मोहल्लों में जल जमाव की समस्या, डूब गई सड़कें, हुई परेशानी संवाद सहयोगी, हजारीबाग : गुरुवार की दोपहर जोरदार बारिश हुई। एक घंटे की बारिश में पूरा शहर पानी-पानी हो गया। शहर के कई क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई। कई घरों में पानी घूस गया। सड़कों पर पानी भर गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। बारिश ने तो नगर निगम की नाली सफाई की पोल खोल कर रख दी। क्या उपरी क्या निचली शहर के सभी भागों के जलजमाव की स्थिति बन गई थी। शहर के प्रमुख चौराहों में से एक पीटीसी चौक तो डूब गया था। वहीं शिवपुरी , कानी बाजार, मुनका बगीचा, कुम्हारटोली पार नाला, दक्षिणी-पूर्वी गांधी मैदान सहित कई ऐसे इलाके हैं, जिनकी हालत और भी ज्यादा खराब थी। सड़कों से निकलने की बात कौन पूछे यहां घर से बाहर निकलना ही दुर्भर हो गया था। शिवपुरी व न्यू एरिया की बात करें तो यहां गंदे पानी के निकास के लिए करोड़ों खर्च कर नाली का निर्माण कराया गया है। लेकिन भष्ट्राचार की भेंट चढ़ जाने के कारण नालियों अपेक्षा के अनुरूप नहीं तैयार हो पाए। वहीं लोगों के द्वारा अपने घरों के कचरा का निस्तारण नालियों में करते रहने से वह जाम हो जाता है। ऐसे में होने वाली बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। इलाके के कई घरों में बारिश का पानी का जमा हो जाता है। लोगों के कमरों में रखे सामान पानी में तैरने लगते हैं। आखिर सही ढंग से लेवल कर एक समेकित योजना बनाकर पूरे शहर के लिए एक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण क्यों नहीं किया जाता है? वहीं शहर के तालाबों का सौंदर्यीकरण करने के चक्कर में बारिश के पानी के निस्तारण की व्यवस्था ही समाप्त कर दी गई है। इससे भी शहर में जल जमाव होता है।

नहीं है रेन वाटर हार्वेस्टिग की व्यवस्था

वहीं शहर में गंदे पानी के निकासी एवं उपयोग की बात हो या रेन वाटर के हावे‌िर्स्टग की , सही व्यवस्था नहीं होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है। बारिश के पानी का निस्तारण शहर के तालाबों में अब नहीं होता है। तालाबों को सौंदर्यीकरण के नाम पर उन्हें चारों ओर से बंद कर दिया गया है।

Edited By: Jagran