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इचाक थाना प्रभारी के प्रयास से लौटा घर, वीडियो वायरल करने वाले महिला से किया संपर्क

संवाद सूत्र इचाक : (हजारीबाग): इंटरनेट मीडिया का सकारात्मक रूप में इस्तेमाल हो तो यह कइयों के लिए मददगार साबित हो सकती है। समय-समय पर ऐसे मामले आते रहते हैं जहां इंटरनेट मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद लोगों को मदद मिली है। ऐसा ही एक मामला इचाक से आया है,आनंद विहार दिल्ली में भटक रहा युवक मोहन भुइयां इंटरनेट मीडिया की मदद से अपने घर पहुंच गया है। हालांकि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मोहन इचाक थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार के प्रयास से दो महीना बाद अपने घर पहुंच सका है। जानकारी के मुताबिक जालौंध गांव निवासी कैलाश भुइयां का पुत्र 44 वर्षीय मोहन भुइयां लॉकडाउन से पहले गांव के दोस्तों के साथ काम करने दिल्ली गया था। 22 अप्रैल से लॉकडाउन लगने के बाद उसके सभी साथी वापस गांव लौट आए। लेकिन मोहन भुइयां दोस्तों से बिछड़ गया। अकेला मोहन दिल्ली में इधर-उधर भटकने लगा । 28 मई को आनंद विहार निवासी तारा दत्त की नजर मोहन पर पड़ी। उन्होंने उससे पूछताछ की, जिसमें मोहन ने बताया कि उसका घर कोडरमा हजारीबाग है। तारा दत्त ने वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया। इसी दौरान मोहन की पत्नी सर्बिया देवी ने इचाक थाने में आवेदन देकर पति के गुमशुदगी का सनहा दर्ज कराया। इसके आधार पर इचाक थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने मानवता का परिचय देते हुए वीडियो वायरल करने वाली महिला तारा दत्त से संपर्क किया। बातचीत के क्रम में तारा दत्त ने थाना प्रभारी को बताया कि मोहन उसकी देखरेख में सुरक्षित है। थाना प्रभारी ने तारा दत्त से आग्रह किया कि वह मोहन को ट्रेन का रिजर्वेशन टिकट बनवा कर कोडरमा तक भिजवा दे जिसे हम पुलिस वाले यहां सुरक्षित रिसीव कर लेंगे। हुआ भी ऐसा ही तारा दत्त ने मोहन को खाना, आने-जाने का खर्च कपड़ा एवं टिकट के साथ एक पम्पलेट में पता लिखकर शर्ट के पैकेट पर चिपका कर ट्रेन में बैठा दिया। ट्रेन के कोडरमा पहुंचते ही थाना प्रभारी ने मोहन को अपने कब्जे में लेते हुए थाना लाया। जहां उसकी पत्नी एवं दो पुत्रों को थाना बुलाकर बुधवार को सौंप दिया। पुलिस एवं तारा दत्त के इस मानवीय पूर्ण कार्यों की प्रशंसा प्रखंड में चहुंओर चर्चा हो रही है। लोगों ने कहा कि धरती पर आज भी इंसानियत है।

Edited By: Jagran