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कई और कंपनियों को लेवी के लिए किया गया फोन, पुलिस के रडार पर अपराधी

संवाद सहयोगी, निवासी : अभियंता सत्येंद्र सिंह ने लेवी देने से मना हीं नहीं किया था बल्कि अपराधियों को उतना ही सख्ती से जवाब भी दिया था। यहीं अपराधियों को चुभ गयी और वे निशाने पर आ गए। अपराधी हत्या के दिन से छह दिन पूर्व अभियंता के आवास से लेकर कार्यालय तक रेकी कर रहे थे। 19 फरवरी को उन्हें यह मौका बड़कागांव रोड में पूंदरी के समीप मिली। अपराधी दो की संख्या में नहीं बल्कि उनके साथ एक मोटरसाइकिल पर दो और अन्य लोग थे। एक वाहन पर राकेश और धर्मवीर थे, जिसने पहचान करने के बाद चलती गाड़ी में अभियंता को गोली मार दी। पूरे मामले में खुलासा के बाद एसपी कार्तिक एस ने बताया कि अमन श्रीवास्तव गिरोह द्वारा कई अन्य को भी लेवी मांगा गया। पुलिस ने लेवी में प्रयुक्त मोबाइल व सीम बरामद की है। पुलिस ऐसे सभी अपराधियों को रडार पर रखी है जो इस धंधे में शामिल है। जल्द हीं ये सब पुलिस के गिरफ्त में होंगे। एसपी ने बताया कि खनन कार्य में लगे कंपनियों की सुरक्षा भी पुलिस पुख्ता कर रही है।

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40 दिनों से पुलिस लगी थी धर्मवीर के पीछे, क्षेत्र में प्रवेश करते ही हो गया गिरफ्तार

अभियंता सत्येंद्र की हत्या के बाद धर्मवीर अपने नाम तो जिम्मेवारी ले ली। परंतु वह पुलिस के डर से क्षेत्र छोड़कर फरार हो गया। एसपी कार्तिक एस अपनी टीम के माध्यम से पिछले 40 दिनों से धर्मवीर के पीछे लगे हुए थे। परंतु पुलिस की ओर से यह दिखावा किया गया कि हत्याकांड में पुलिस सुस्त हो गयी है। जैसे हीं इसकी भनक धर्मवीर को लगी वह क्षेत्र में आ गया। क्षेत्र में उसके प्रवेश करते हीं पुलिस उसे गिरफ्तार कर ली।