विष्णुगढ़ : प्रखंड के सिरैय मुखिया राजेंद्र महतो ने रबी फसल गेहूं की सिचाई के लिए कोनार सिचाई परियोजना के केनाल में पानी छोड़ने की मांग की है। इसके लिए कोनार सिचाई परियोजना के बनासो, बगोदर एंव डुमरी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सिरैय पंचायत में 150 एकड, अचलजामो में 60 एकड, करगालो में 50 एकड़ के अलावा केनाल से सटे 150 एकड़ भूमि में किसानों ने गेहूं की फसल लगाया है। किसानों को भरोसा था कि कोनार सिचाई परियोजना के तहत निर्मित केनाल के उद्घाटन के बाद इसमें पानी नियमित छोड़ा जाएगा। लेकिन, केनाल में पानी नहीं छोडा जा रहा है। जबकि 25 अगस्त 2019 के बनासो में कोनार सिचाई परियोजना के तहत बने टेनल एव केनाल का तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के उद्याटन किए जाने के महज तीन दिन बाद 28 अगस्त की रात बगोदर प्रखंड में पडने वाले कुसमरजा में केनाल का तटबंध टूट गया था। इसकी मरम्मति कार्य कराने के लिए तब कोनार डैम से केनाल में छोडा जा रहा पानी को बंद कर दिया गया था। इसके बाद केनाल में पानी छोडा जाना बंद है। टेनल और केनाल के उद्याटन के बाद किसानों में वर्षों के इंतजार के बाद सिचाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी। इसी उम्मीद में किसानों ने खेतों में गेहूं की फसल लगाई। लेकिन, केनाल में पानी छोडा जाना बंद है। सिरैय मुखिया श्री महतो ने कहा कि करोडो हुई खर्च एवं चार दशक के लंबे इंतजार के बाद कोनार सिचाई परियोजना के टेनल एवं केनाल का पूरे हुए कार्य से सिरैय करगालो एवं अचलजामो के खेतों को सिचाई के पानी मिलने की पूरी उम्मीद थी। अब केनाल में पानी छोडे जाने के बजाय बंद है।

Posted By: Jagran

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