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इचाक मोड़ फ्लाईओवर निर्माण शुरू, रांची-पटना मार्ग पर नहीं रेंगेंगी गाड़ियां; हजारीबाग को मिलेगी जाम से मुक्ति

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:44 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 08:59 PM (IST)

हजारीबाग के इचाक मोड़ पर 63.50 करोड़ रुपये की लागत से 1.87 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हो ...और पढ़ें

डेढ़ साल में होगा तैयार, 1.87 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा।

डेढ़ साल में होगा तैयार, 1.87 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा।

HighLights

  1. इचाक मोड़ पर 1.87 किमी लंबा फ्लाईओवर निर्माण शुरू।

  2. 63.50 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ साल में होगा तैयार।

  3. जाम और सड़क दुर्घटनाओं से मिलेगी स्थायी राहत।

विनय कुशवाहा, जागरण, हजारीबाग। इचाक मोड़ पर वर्षों से जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या झेल रहे लोगों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद जगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की देखरेख में इचाक मोड़ से सिजुआ तक फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हो गया है। करीब 63.50 करोड़ रुपये की लागत से 1.87 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है।

परियोजना को पूरा करने में करीब डेढ़ वर्ष लगने का अनुमान है। फ्लाईओवर निर्माण को लेकर हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने पहल की थी। उन्होंने कुछ दिन पहले इचाक मोड़ का निरीक्षण कर एनएचएआइ के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे।

इसके करीब 15 दिन बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो गया। काम शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि फ्लाईओवर बनने के बाद इचाक मोड़ पर वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

इचाक मोड़ जिले का महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है। रांची से पटना जाने वाले वाहनों के अलावा इचाक बाजार और आसपास के दर्जनों गांवों से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव भी इसी मार्ग पर रहता है।

स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों के एक ही मार्ग से गुजरने के कारण इचाक मोड़ और बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती है। व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों और दुकानदारों को भी परेशानी होती है।

फ्लाईओवर से अलग होगा यातायात

फ्लाईओवर बनने के बाद लंबी दूरी के वाहनों को ऊपर से गुजरने का रास्ता मिलेगा, जबकि स्थानीय यातायात के लिए सर्विस रोड की सुविधा होगी। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने और इचाक बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। रांची-पटना मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को बाजार क्षेत्र के जाम में रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इचाक मोड़ से गोबरबांधा, धवैया, हदारी, चपरख, इचाक बाजार, करियातपुर, बरकट्ठा, डुमरौन, रुद, नवाडीह सहित कटकमसांडी और चतरा की ओर जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार आने वाले लोगों के लिए स्थानीय मार्ग उपलब्ध रहेगा, जबकि लंबी दूरी के वाहनों को जाम से राहत मिलेगी।

दुर्घटनाओं पर भी लगेगा अंकुश

फ्लाईओवर से जाम के साथ दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। इचाक मोड़ को दुर्घटना संभावित क्षेत्र और ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था। वर्तमान में मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ स्थानीय वाहनों की आवाजाही रहती है।

बाजार क्षेत्र में वाहनों के रुकने और लोगों के अचानक सड़क पार करने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। फ्लाईओवर और सर्विस रोड बनने के बाद यातायात अलग-अलग होने से ऐसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

फ्लाईओवर निर्माण की जिम्मेदारी मान बिल्डर्स कंपनी को दी गई है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ एजेंसी ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

डेढ़ साल बाद बदलेगी इचाक मोड़ की तस्वीर

फ्लाईओवर के पूरा होने के बाद इचाक मोड़ की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे समय की बचत होगी और बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा। रांची और पटना के बीच आवागमन करने वाले वाहनों के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष सोनी ने बताया कि फ्लाईओवर बनने के बाद रांची से पटना जाने वाले वाहनों को इचाक मोड़ के जाम में रुकने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे यात्रा सुगम होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

इचाक मोड़ जिले का बेहद दुर्घटना संभावित क्षेत्र था। यहां जाम के साथ लगातार दुर्घटनाएं भी हो रही थीं और इसे ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था। परियोजना में सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। निर्माण अवधि में लोग यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति से वाहन न चलाएं, सड़क पर वाहन खड़ा न करें और सर्विस रोड को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखें।

- हेमंत सती, उपायुक्त, हजारीबाग