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पोते ने ही रची थी दादा-दादी के मर्डर की साजिश, पूछताछ में खुलासा; अंधविश्वास और रंजिश की वजह से किया कत्ल

Published: Sat, 16 May 2026 06:26 AM (IST)

पुलिस ने हजारीबाग के बड़कागांव में तीन माह पुराने वृद्ध दंपति हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसमें पोते विक्की कुमार ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, बड़कागांव (हजारीबाग)। बड़कागांव थाना क्षेत्र के बाबूपारा गांव में तीन माह पूर्व हुए चर्चित वृद्ध दंपति हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक दंपति के पोते को ही मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने रिश्तों को शर्मसार कर दिया।

पुलिस के अनुसार अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के कारण पोते ने अपने ही दादा-दादी की हत्या की साजिश रची थी। थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी बाबूपारा निवासी 27 वर्षीय विक्की कुमार दास है, जो मृतक वकील राम का पोता है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

15 फरवरी की रात हुई थी निर्मम हत्या

गौरतलब है कि 15 फरवरी की रात सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी 80 वर्षीय वकील राम और उनकी पत्नी 60 वर्षीय झुनिया देवी की घर में घुसकर चुल्हौही और कुल्हाड़ी से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। 16 फरवरी को खोजी कुत्ता और फॉरेंसिक टीम की मदद से जांच शुरू की गई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार में लंबे समय से भूत-प्रेत और डायन-बिसाही को लेकर विवाद चलता था। आरोपी विक्की को विश्वास था कि उसकी नौकरी नहीं लगने, चचेरी बहन को संतान नहीं होने और परिवार में लगातार बीमारी रहने के पीछे उसकी दादी का हाथ है। इसी अंधविश्वास ने उसे इस जघन्य अपराध तक पहुंचा दिया।

अन्य संदिग्धों की भी जांच

थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में दो से तीन अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस उनकी संलिप्तता की गंभीरता से जांच कर रही है। बड़कागांव थाना कांड संख्या 26/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 309(3) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार विक्की कुमार दास ने राधा गोविंद कॉलेज से बीपीएड किया था और बलोदर गांव में साझेदारी में पोल्ट्री फार्म भी चलाता था। हत्या के बाद से उसका पोल्ट्री फार्म बंद पड़ा है।

मामले के उद्भेदन में थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह की भूमिका अहम रही। उनके नेतृत्व में पुलिस ने इससे पहले 20 लाख रुपये के जेवर लूटकांड का खुलासा किया था। साथ ही हाईवा जलाने की घटना में 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे से पुलिस ने एक बार फिर अपनी जांच क्षमता साबित की है।