हजारीबाग में दोस्ती का खौफनाक अंत, वर्चस्व की लड़ाई में गोली मारकर दामोदर नदी में फेंका शव
हजारीबाग के केरेडारी में वर्चस्व की लड़ाई में एक दोस्त ने दूसरे को गोली मारकर शव दामोदर नदी में फेंक ...और पढ़ें

वर्चस्व की लड़ाई में दोस्त ने दोस्त को गोली मारी। जागरण
HighLights
वर्चस्व की लड़ाई में दोस्त ने दोस्त को गोली मारी।
मृतक संदीप ठाकुर का शव दामोदर नदी से बरामद।
संवाद सूत्र, केरेडारी (हजारीबाग)। थाना क्षेत्र के कोले गांव निवासी 18 वर्षीय युवक संदीप ठाकुर उर्फ पापुन और उसी गांव के संन्नी गंझू की दोस्ती वर्चस्व की लडाई में दुश्मनी में ऐसी बदल गई कि एक ने दूसरे को गोली मार कर उसके शव को दामोदर नदी में फेंक दिया।
मामले का खुलासा घटना के पांच दिनों के बाद रविवार को तब हुआ जब पुलिस ने शक के आधार पर सन्नी गंझू को हिरासत में लेकर कडाई से पूछताछ किया। वहीं मृतक संदीप ठाकुर का शव रविवार को रामगढ के दामोदर नदी से पुलिस ने बरामद कर लिया। हालांकि इस बीच मृतक संदीप ठाकुर के शव की तलाश कर रही पुलिस को जंगल के रास्ते नदी किनारे सिकमतांड के आसपास एक अज्ञात शव बरामद हुआ।
संदीप ठाकुर के स्वजनों से पहचान कराने पर उन्होंने बरामद शव संदीप ठाकुर का होने की पुष्टि नहीं किया। इसके बाद अज्ञात शव को लेकर पुलिस ने आसपास के थानों को सूचना दी तथा वरीय पदाधिकारी को अवगत कराने के उपरांत उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया।
बताते चलें कि विगत 29 अगस्त को संदीप ठाकुर के स्वजनों ने उसके 25 अगस्त से घर से लापता होने की सूचना थाना को दी थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कांड दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने शक के आधार पर मृतक संदीप के दोस्त व कोले गांव निवासी सन्नी गंझू को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सन्नी गंझू ने बताया कि विगत 25 अगस्त को उसने संदीप को उसके घर से बुलाकर लोहरतरी पुल के पास ले गया। वहां पर उसने संदीप को गोली मार कर उसके शव को वहीं दामोदर नदी में फेंक दिया था। आरोपित के बयान के आधार पर पुलिस टीम ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मृतक संदीप ठाकुर के शव की तलाश दामोदर नदी शुरू कर दिया। इसके उपरांत रविवार को मृतक संदीप ठाकुर का शव रामगढ के दामोदर नदी से बरामद किए जाने की पुष्टि थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडे ने की है।
पुलिस ने दिया मानवता का परिचय, अज्ञात शव को कंधे पर 3.5 किमी ढोया
अक्सर आरोपों का शिकार होने वाली पुलिस ने अज्ञात शव मिलने के बाद मानवता का परिचय देते हुए उसे कंधे पर ढोकर नीचे लाने का काम किया। बता दें कि थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडे ने स्वयं शव को आवश्यक सामग्री के साथ पैक कर अपने कंधे पर लादकर करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर सड़क तक लाने का काम किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया गया।
