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प्रेम विवाद से नाराज पिता ने जिंदा बेटी का किया श्राद्ध, सामने आई ऐसी तस्वीर... हजारीबाग में अब हर तरफ हो रही चर्चा

Published: Fri, 14 Aug 2026 12:23 PM (IST)

प्रेम विवाह से नाराज हजारीबाग के एक पिता ने अपनी जीवित 18 वर्षीय बेटी का हिंदू रीति-रिवाज से श्राद्धकर्म और ...और पढ़ें

पिता ने प्रेम विवाह के बाद जीवित बेटी का श्राद्ध किया। जागरण

पिता ने प्रेम विवाह के बाद जीवित बेटी का श्राद्ध किया। जागरण

HighLights

  1. पिता ने प्रेम विवाह के बाद जीवित बेटी का श्राद्ध किया।

  2. बेटी ने परिवार के समझाने पर भी घर लौटने से इनकार किया।

संवाद सूत्र, चौपारण (हजारीबाग)। जिस बेटी के लिए एक पिता ने कभी न जाने कितने सपने संजोए होंगे, उसी बेटी के एक फैसले ने आज परिवार के रिश्तों में ऐसी दरार डाल दी कि पिता ने उससे अपना नाता खत्म करने का फैसला कर लिया।

बेटी अपनी जिंदगी का फैसला कर चुकी थी, लेकिन उसका यह फैसला परिवार को इतना नागवार गुजरा कि गुरुवार को पिता, भाई और चाचा ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, प्रेम विवाह से नाराज एक पिता ने अपनी 18 वर्षीय बेटी को जीते-जी मृत मानते हुए हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका श्राद्धकर्म और पिंडदान कर दिया। गुरुवार को पाण्डेयबारा स्थित श्मशान घाट में पिता, भाई और चाचा ने मुंडन कराया। इसके बाद बेटी की तस्वीर सामने रखकर श्राद्ध की रस्म पूरी की गई। परिजनों ने कहा कि बेटी के अपने फैसले के बाद अब उन्होंने उससे संबंध समाप्त कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, खेमन प्रसाद की 18 वर्षीय पुत्री करीब एक माह पूर्व अचानक घर से चली गई थी। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वह नरैना गांव निवासी पवन साव के साथ गई है। बेटी के लापता होने के बाद परिजनों ने चौपारण थाना में लिखित आवेदन देकर उसकी बरामदगी की गुहार लगाई थी। पुलिस ने करीब एक माह बाद दोनों को आंध्र प्रदेश से बरामद कर चौपारण थाना लाया।

थाना में युवती के पिता, भाई, चाचा और अन्य परिजनों ने उसे काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया और घर लौटने की अपील की। हालांकि, युवती अपने प्रेमी पवन साव के साथ रहने के फैसले पर अड़ी रही। परिजनों के समझाने के बावजूद जब वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटी तो परिवार ने उससे संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया।

इसके बाद गुरुवार को पिता, भाई और चाचा पाण्डेयबारा स्थित श्मशान घाट पहुंचे। वहां बेटी की तस्वीर रखकर मुंडन कराया गया और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार श्राद्धकर्म व पिंडदान की रस्म पूरी की गई। परिजनों ने कहा कि बेटी के निर्णय से वे बेहद आहत हैं और अब उसे अपने लिए मृत मान चुके हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद चौपारण और आसपास के क्षेत्रों में इसकी चर्चा होती रही। घटना ने प्रेम विवाह, पारिवारिक असहमति और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर बहस छेड़ दी है। वहीं, परिवार की ओर से उठाए गए इस कदम को कुछ लोग भावनात्मक प्रतिक्रिया मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे बदलते सामाजिक परिवेश में पारिवारिक रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव के रूप में देख रहे हैं।