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हजारीबाग में जंगली हाथियों का कहर, दो दिन में दो किसानों को कुचलकर मारा; वन विभाग पर सवाल

Published: Fri, 09 Jan 2026 12:25 PM (IST)

हजारीबाग के कटकमदाग प्रखंड के बनहा गांव में जंगली हाथी के हमले में किसान गणेश गोप की दर्दनाक मौत हो ...और पढ़ें

हजारीबाग में जंगली हाथियों का कहर

हजारीबाग में जंगली हाथियों का कहर

HighLights

  1. किसान गणेश गोप की हाथी हमले में दर्दनाक मौत।

  2. लगातार दूसरे दिन हुई हाथी हमले की घटना।

  3. ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई, मुआवजे की मांग की।

संवाद सूत्र, कटकमदाग (हजारीबाग)। कटकमदाग प्रखंड के बनहा गांव में शुक्रवार अहले सुबह जंगली हाथी के हमले में किसान गणेश गोप की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गणेश गोप सुबह खेत की ओर जा रहे थे, तभी अचानक हाथी ने उन पर हमला कर दिया और कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

लगातार दूसरे दिन हाथी के हमले में हुई मौत की घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। पीड़ित परिवार का रो–रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने, इलाके में गश्ती बढ़ाने और पीड़ित परिवार को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों को जंगली जानवरों के खतरे से सुरक्षा कब?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती और चेतावनी तंत्र सक्रिय होता, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। अब सवाल यह उठ रहा है कि सिस्टम कब जागेगा और कब ग्रामीणों को जंगली जानवरों के खतरे से सुरक्षा मिल।

कटकमदाग प्रखंड के बनहा गांव में अहले सुबह जंगली हाथी ने किसान गणेश गोप को कुचलकर मार डाला। दूसरे दिन लगातार हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग की सक्रियता और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग तेज कर दी है। अब सवाल यह है कि कब जागेगा सिस्टम और कब मिलेगा लोगों को सुरक्षा?