हजारीबाग टाउन में बन रहा कोचिंग डिपो, अब यहीं से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार; पीएम मोदी ने रखी थी आधारशिला
हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य आकार ले रहा है, जिससे ट्रेनों की सफाई, सर्विसिंग और ...और पढ़ें

हजारीबाग में कोचिंग डिपो निर्माण से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार।
HighLights
हजारीबाग टाउन में कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य प्रगति पर।
ट्रेनों की सफाई, सर्विसिंग और रखरखाव की सुविधा स्थानीय स्तर पर।
नई यात्री ट्रेनों के परिचालन का आधार मजबूत होगा।
विनय कुशवाहा, हजारीबाग। हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर कोचिंग डिपो का निर्माण अब धरातल पर आकार लेने लगा है। लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, उसके पूरा होने के बाद हजारीबाग से चलने वाली यात्री ट्रेनों के कोचों की सफाई, तकनीकी जांच, सर्विसिंग और निर्धारित रखरखाव के कार्य यहीं किए जा सकेंगे।
इसके लिए रेलवे स्टेशन परिसर में आवश्यक अनुरक्षण ढांचा विकसित किया जा रहा है। कोचिंग डिपो के तैयार होने से हजारीबाग टाउन से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में नई यात्री ट्रेन सेवाओं के लिए भी रेलवे के पास जरूरी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। कोचिंग डिपो की आधारशिला सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।
परियोजना का उद्देश्य हजारीबाग टाउन स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के कोचों के अनुरक्षण की स्थानीय सुविधा विकसित करना है। परियोजना के तहत दो पिट लाइन समेत वाशिंग पिट, कैटवॉक, कवर्ड शेड, सर्विस बिल्डिंग, विद्युत सब-स्टेशन, ड्रेनेज और अन्य जरूरी सिविल व विद्युत संरचनाएं विकसित की जा रही हैं।
निर्माण पूरा होने के बाद स्टेशन पर ट्रेनों के रेक के रखरखाव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पिट लाइन में खड़ी ट्रेनों के कोचों की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत की जा सकेगी। वहीं, वाशिंग पिट में कोचों की सफाई की सुविधा मिलेगी।
कैटवॉक के माध्यम से कोचों के ऊपरी हिस्से की जांच और रखरखाव में सुविधा होगी। इसके अलावा कवर्ड शेड और सर्विस बिल्डिंग सहित अन्य संरचनाएं अनुरक्षण कार्य को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद करेंगी। यानी ट्रेन के यात्रियों को लेकर रवाना होने से पहले उसके कोचों की जरूरी जांच और रखरखाव का बड़ा हिस्सा हजारीबाग में ही संभव हो सकेगा।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी अनुरक्षण की सुविधा
अभी किसी ट्रेन के नियमित अनुरक्षण के लिए रेलवे को निर्धारित सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। रेक को अनुरक्षण के लिए दूसरी जगह ले जाने या वहां से लाने की जरूरत पड़ने पर समय और परिचालन व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
हजारीबाग टाउन में कोचिंग डिपो तैयार होने के बाद स्टेशन को अपना अनुरक्षण ढांचा मिल जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर ट्रेनों के रखरखाव की सुविधा विकसित होगी।
नई ट्रेनों के लिए भी मजबूत होगा आधार
कोचिंग डिपो का सबसे महत्वपूर्ण फायदा भविष्य में हजारीबाग से नई यात्री ट्रेन सेवाओं के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। किसी नई ट्रेन के परिचालन या मौजूदा ट्रेन की सेवा बढ़ाने के लिए रेक के रखरखाव और सफाई की स्थानीय सुविधा महत्वपूर्ण होती है।
हजारीबाग टाउन में यह सुविधा उपलब्ध होने से रेलवे के पास ट्रेनों के परिचालन को लेकर अतिरिक्त आधारभूत ढांचा तैयार होगा। इससे भविष्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार और अधिक ट्रेनों के परिचालन की संभावना को मजबूती मिल सकती है। कोचिंग डिपो के निर्माण से स्टेशन की आधारभूत संरचना भी मजबूत होगी।
इसके साथ हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन केवल यात्री ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रेनों के अनुरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में भी इसकी भूमिका बढ़ेगी। परियोजना पूरी होने के बाद इसका असर ट्रेनों के संचालन, रखरखाव और भविष्य में सेवा विस्तार की संभावनाओं पर दिखाई देने की उम्मीद है।
