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हजारीबाग में 82 साल से अधूरा हवाई अड्डे का सपना, 2019 में हुआ था शिलान्यास; 39 एकड़ जमीन आज भी बेकार

Published: Wed, 12 Aug 2026 09:48 AM (IST)

हजारीबाग में 82 साल बाद भी हवाई अड्डे का निर्माण अधूरा है, जिससे 39 एकड़ अधिग्रहित जमीन बेकार पड़ी है। ...और पढ़ें

हजारीबाग हवाई अड्डा निर्माण 82 साल से अधूरा पड़ा है। जागरण

हजारीबाग हवाई अड्डा निर्माण 82 साल से अधूरा पड़ा है। जागरण

HighLights

  1. हजारीबाग हवाई अड्डा निर्माण 82 साल से अधूरा पड़ा है।

  2. 39 एकड़ अधिग्रहित जमीन आज भी अनुपयोगी पड़ी है।

विनय कुशवाहा, हजारीबाग। हजारीबाग में हवाई अड्डा निर्माण का सपना 82 वर्ष बाद भी अधूरा है। वर्ष 1944 में नगवां गांव में हवाई अड्डा बनाने की पहल शुरू हुई थी।

इसके लिए ग्रामीणों की करीब 39 एकड़ जमीन लिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। वर्ष 1954 में भूमि अधिग्रहण को लेकर कई रैयतों को नोटिस दिया गया और मुआवजा देने की बात कही गई। ग्रामीणों का दावा है कि कई रैयतों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है।

विडंबना यह है कि जिस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया हवाई अड्डा बनाने के लिए शुरू हुई थी, वह करीब आठ दशक बाद भी अपने उद्देश्य तक नहीं पहुंच सकी। जमीन का उपयोग खेती के लिए भी नहीं हो पा रहा है।

वर्तमान में अधिकांश हिस्सा गाय-बकरियों के चरने तक सीमित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इतने वर्षों तक जमीन पर खेती होती तो संबंधित परिवारों को लाखों-करोड़ों रुपये की आय हो सकती थी।

2019 में फिर जगी थी उम्मीद, सात साल बाद भी काम नहीं

वर्ष 2019 में हवाई अड्डा निर्माण को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी। तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री सह हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा ने उपलब्ध भूमि पर हवाई अड्डा निर्माण का शिलान्यास किया था।

शिलान्यास के बाद स्थानीय लोगों, कारोबारियों और होटल संचालकों को लगा कि अब वर्षों पुराना सपना जल्द पूरा होगा। लेकिन सात वर्ष गुजरने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। यहां तक कि निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है।

होटल-कारोबारियों ने बढ़ाया कारोबार, उम्मीद रही अधूरी

हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास एक दर्जन से अधिक लाइन होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। शिलान्यास के बाद होटल संचालकों और दुकानदारों ने यात्रियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए अपने कारोबार के विस्तार की योजना बनाई।

कई लोगों ने प्रतिष्ठानों में निवेश भी किया। जमीन की कीमतों में भी वृद्धि हुई, लेकिन हवाई अड्डे का निर्माण आगे नहीं बढ़ने से कारोबारियों की उम्मीदें अधूरी रह गईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हवाई अड्डा बनने से हजारीबाग के व्यापार, पर्यटन, होटल, परिवहन और छोटे कारोबार को नई गति मिल सकती है। बाहर से निवेश आने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। अब लोगों का सवाल है कि 82 साल पुराना यह सपना आखिर कब पूरा होगा?

हवाई अड्डे की चर्चा हमारे बुजुर्गों के समय से होती आ रही है। इतने वर्षों बाद भी निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को अब इस मामले में ठोस पहल करनी चाहिए।

-दीपक मेहता, पूर्व प्रमुख 

39 एकड़ जमीन वर्षों से खाली पड़ी है। न हवाई अड्डा बना और न जमीन का उपयोग खेती के लिए हो रहा है। सरकार को जमीन और मुआवजे का मामला स्पष्ट करना चाहिए।

-दिनेश मेहता 

2019 में शिलान्यास के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब हवाई अड्डा बनेगा। सात साल बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। अब सिर्फ आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहिए।

-मन्नू मेहता

हवाई अड्डा बनने से हजारीबाग के व्यापार और रोजगार को बड़ा लाभ मिलता। आसपास के होटल, दुकान और परिवहन कारोबार को भी फायदा होता। सरकार को इस परियोजना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

-जेपी मेहता

इतने लंबे समय से जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि हवाई अड्डा बनना है तो प्रक्रिया जल्द पूरी हो और यदि नहीं बनना है तो जमीन के संबंध में रैयतों को स्पष्ट जानकारी दी जाए।

-अर्जुन कुशवाहा

हवाई अड्डा बनने से पूरे क्षेत्र का विकास होता। यात्रियों की आवाजाही बढ़ती और स्थानीय बाजार को नई गति मिलती। वर्षों से लोग इसके पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

-महेश मेहता

शिलान्यास के बाद उम्मीद थी कि हवाई अड्डा बनने से होटल का कारोबार बढ़ेगा। इसी उम्मीद में कारोबार का विस्तार किया गया, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं होने से निराशा है।

-रूपेंद्र मेहता, होटल संचालक

हवाई अड्डा बनने से चाय-नाश्ते से लेकर छोटे दुकानदारों तक सभी का कारोबार बढ़ता। यात्रियों की आवाजाही होती तो रोजगार भी बढ़ता। अब सरकार को बताना चाहिए कि हवाई अड्डा आखिर कब बनेगा।

-अजय कुमार, होटल संचालक