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हजारीबाग में 24 घंटे में तीन मौतें, सड़क हादसों से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

Published: Sun, 22 Feb 2026 07:51 PM (GMT+05:30)

हजारीबाग के बड़कागांव में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की मौत से मातम छा गया। दो सड़क हादसों में ...और पढ़ें

हजारीबाग में 24 घंटे में तीन मौतें

हजारीबाग में 24 घंटे में तीन मौतें

HighLights

  1. बड़कागांव में 24 घंटे में तीन लोगों की मौत।

  2. दो सड़क हादसों और एक आकस्मिक निधन से शोक।

  3. ग्रामीणों ने मुआवजे और कार्रवाई के लिए सड़क जाम की।

संवाद सूत्र, बड़कागांव (हजारीबाग)। क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत से मातम पसर गया। सड़क हादसों और एक सामाजिक कार्यकर्ता के आकस्मिक निधन से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजा व कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। 

जानकारी के अनुसार बड़कागांव के 14 माइल के समीप एक ट्रॉली ने दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। घायलों को आनन-फानन में बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी है। 

बड़कागांव-हजारीबाग पथ पर जाम

घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सड़क दुर्घटना में बड़कागांव के बसरिया मुहल्ला निवासी राजू कुमार महतो (35 वर्ष), पिता उगन महतो की मौत हो गई। बताया जाता है कि गेट नंबर 4 के समीप वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। 

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़कागांव-हजारीबाग पथ पर 13 माइल के पास सुबह करीब 10 बजे से सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। 

जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। इधर प्रखंड के जुगरा गांव निवासी प्रीति देवी भी एक अन्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। 

सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हादसा 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डंपिंग कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है। वहीं राष्ट्रीय तेली साहू समाज के हजारीबाग जिला संरक्षक व समाजसेवी, बड़कागांव निवासी कौलेश्वर साव का बीती रात अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से समाज में शोक की लहर दौड़ गई। बड़कागांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा देने की मांग की है।