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नकली टाटा कंपनी के डुप्लीकेट ऑयल पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, झारखंड में जालसाजी का भंडाफोड़

Published: Fri, 20 Mar 2026 09:13 PM (IST)

हजारीबाग की मुफ्फसिल पुलिस ने नकली टाटा डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। टाटा कंपनी ...और पढ़ें

नकली टाटा कंपनी के डुप्लीकेट ऑयल पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नकली टाटा कंपनी के डुप्लीकेट ऑयल पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

HighLights

  1. मुफ्फसिल पुलिस ने नकली टाटा DEF कारोबार का भंडाफोड़ किया।

  2. हरहद गांव से भारी मात्रा में नकली उत्पाद जब्त किए गए।

  3. आरोपी तौसर आलम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ।

संवाद सहयोगी, हजारीबाग। जिले की मुफ्फसिल थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली टाटा डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइडड के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। इस संबंध में टाटा कंपनी के अधिकारियों के द्वारा पुलिस को कंपनी के नाम से डुप्लीकेट ऑयल बना कर बेचने की सूचना दी गई थी।

मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने छापामारी कर मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध टाटा डीईएफ बरामद किया है। जिस पर टाटा मोटर्स के ब्रांड लेबल का अवैध उपयोग किया जा रहा था।

मामले को लेकर मुफस्सिल थाना प्रभारी रोशन कुमार बरनवाल ने बताया कि सनी घोष इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड अपने सहयोगियों के साथ थाना आए तथा बताए कि टाटा मोटर्स एवं गल्फ कम्पनी का डुपलिकेट ऑयल एवं अन्य सामग्री ग्राम हरहद में निर्माण कर बेचा जा रहा है।उक्त सूचना पर छापामारी की गई।

छापामारी में 10 पीस नकली टाटा मोटर्स डेफ 20 लीटर भरा सीलबंद बाल्टी, 51 पीस नकली टाटा मोटर्स डेफ का 20 लीटर का खाली बाल्टी, 174 पीस नकली टाटा मोटर्स डेफ का 20 लीटर बाल्टी का ढक्कन, 21 पीस टाटा मोटर्स डेफ बाल्टी का हैण्डल, 76 पीस टाटा मोटर्स डेफ हालोग्राम स्टीकर, 11 पीस नकली गल्फ-अल डेफ 20 लीटर भरा सीलबन्द, 262 पीस नकली गल्फ-अल का 20 लीटर का खाली बाल्टी, 90 पीस गल्फ-अल डेफ का 20 लीटर बाल्टी का ढक्कन, एक पीस प्लास्टिक का फनेल, एक पीस स्क्रू ड्राईवर, एक पीस फिल्टर, दो पीस वाटरपंप मशीन पंप के साथ एक पीस लकडी का हथौडी को जब्त किया गया है।

इसके आधार पर मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 48/26 दर्ज किया गया है। छापामारी के बाद प्राथमिक आरोपी तौसर आलम पिता स्वर्गीय मो साहबान ग्राम कपसा मोड हरहद थाना मुफ्फसिल जिला हजारीबाग को बनाया गया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नकली डीइएफ को असली उत्पाद बताकर बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था, बल्कि कंपनी की साख को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जिस स्थान पर छापा मारा गया, वहां किसी प्रकार का आधिकारिक नाम बोर्ड नहीं था, जिससे इस अवैध गतिविधि को छिपाने की कोशिश की जा रही थी।

मुफ्फसिल थाना प्रभारी ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत डीलरों से ही डीइएफ उत्पाद खरीदें ताकि इस प्रकार के जालसाज से बचा जा सके।