हजारीबाग : कटकमदाग थाना क्षेत्र के बांका गांव के एक 12 वर्षीय बालक विजय कुमार पिता रामचंद्र प्रसाद की बुधवार को इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई। घटना बुधवार शाम के करीब 4 बजे की है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर दोषारोपण करते हुए इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतक की मां ने कहा कि समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण उसके बेटे की मौत हो गई। साथ ही कहा कि सदर अस्पताल में डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मियों के मरीजों के प्रति व्यवहार सही नहीं है। इस आरोप पर वहां मौजूद लोगों ने भी हामी भरते हुए सदर अस्पताल प्रबंधन को बुरा भला कहा। बताया कि एक बजे के बाद कोई चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नही था।

हृदयरोगी था विजय

जानकारी के अनुसार मृतक बालक विजय कुमार हृदय रोग का मरीज था। तकरीबन डेढ़ वर्ष पूर्व उसके हृदय का ऑपरेशन नई दिल्ली के पंत अस्पताल में किया गया था। ऑपरेशन के बाद बालक की हालत ठीक थी। लेकिन बीते कुछ दिनों से उसे खांसी की परेशानी बढ़ गई थी। इसे लेकर उसके परिजनों ने मंगलवार को उसे सदर अस्पताल लाकर दिखलाया था। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान लिखी गई दवाओं का सेवन करने के बाद भी जब उसे राहत नहीं मिली, तो एक बार फिर से बुधवार को तकरीबन दोपहर के बारह बजे उसे सदर अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर लिया। इसके बाद वार्ड में मृतक विजय को एक बजे में डाक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं सेफट्राएक्जोन, डेरीफाइलिन, डेक्सोना के साथ फ्लूइड दिया गया, लेकिन दोपहर के तीन बजे के बाद उसकी हालत खराब होने लगी। तब जाकर वहां कार्यरत सिस्टर सुप्रिया की कॉल पर डॉ. राजकिशोर ने आकर उसकी जांच की। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

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- बालक विजय हृदय रोग का मरीज था। उसकी हालत काफी जटिल थी। लेकिन डाक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। डॉ. विजय शंकर, उपाधीक्षक, सदर अस्पता

Posted By: Jagran