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बरकट्ठा में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा केंद्रीय विद्यालय, बाल वाटिका से कक्षा 5 तक होगा नामांकन

Published: Sat, 11 Jul 2026 06:41 PM (IST)

झारखंड के हजारीबाग जिले के बरकट्ठा में इसी शैक्षणिक सत्र से केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू हो रहा है, जिसमें ...और पढ़ें

केंद्रीय विद्यालय बरकट़ठा की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

केंद्रीय विद्यालय बरकट़ठा की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. बाल वाटिका से कक्षा 5 तक नामांकन होगा।

  2. एनईपी-2020 के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।

संवाद सूत्र, बरकट्ठा (हजारीबाग)। झारखंड में हजारीबाग जिला के बरकट्ठा प्रखंड के विद्यार्थियों और अभिभावकों का लंबे समय का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। क्षेत्र में इसी शैक्षणिक सत्र से केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू होने जा रहा है। 
 
विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया 13 और 14 जुलाई से प्रारंभ होने की संभावना है। इस नए विद्यालय के खुलने से स्थानीय बच्चों को अब गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
 

320 बच्चों को मिलेगा प्रवेश, यहां से डाउनलोड करें फॉर्म

विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार यादव ने बताया कि नामांकन प्रपत्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हजारीबाग की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। 
 
अभिभावक आवेदन पत्र को पूरी तरह भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ विद्यालय में जमा कर सकते हैं। विद्यालय में बाल वाटिका (नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी) के साथ-साथ कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों का नामांकन लिया जाएगा।
 

बेलकप्पी स्कूल से होगा अस्थाई संचालन 

प्रत्येक कक्षा में 40-40 विद्यार्थियों की क्षमता के अनुसार कुल 320 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में केंद्रीय विद्यालय का संचालन बेलकप्पी स्थित उत्क्रमित बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर से किया जाएगा। 
 
विद्यालय के सफल संचालन के लिए प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार यादव के अलावा शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद सुमन और राज कुमार यादव की प्रतिनियुक्ति की गई है। वहीं, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हजारीबाग की प्राचार्या अंकिता शर्मा को बरकट्ठा केंद्रीय विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
 

NEP-2020 के तहत समग्र विकास पर जोर

प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि विद्यालय का संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP-2020 के मानकों के अनुरूप होगा। इसमें विद्यार्थियों के समग्र विकास, बुनियादी साक्षरता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 
 
इससे स्थानीय बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए एक मजबूत आधार मिलेगा, जिसे लेकर क्षेत्र के अभिभावकों में भारी उत्साह है।