हजारीबाग : श्रम कानूनों के विरोध सहित अपने विभिन्न मांगों के समर्थन में बैंक यूनियनों ने 8 व 9 जनवरी को दो दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल के मौके पर एआईबीईए के सहायक महासचिव ¨बदेश्वर प्रसाद ने बताया कि वर्तमान सरकार मौजूदा श्रम कानून में संशोधन कर मजदूर विरोधी कानून बना रही है। इससे नए रोजगार का सृजन नहीं हो पा रहा है और देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों की अन्य मांगों खास कर द्विपक्षीय वेतन समझौता को लागू नही करने को लेकर हड़ताल किया गया है। हड़ताल को लेकर आम लोगों से लेकर व्यापारी वर्ग के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मौके पर उपाध्यक्ष मंदिरा गुप्ता, कॉमरेड सैयद जमील नासिर, किशोर कुमार, असरफ अली, चंद्रशेखर आजाद, श्रेष्ठी सौरभ, सशि शेखर, विशाल राठौर, विकास कुमार, निशा भेंगरा, सावित्री तोपो, ज्योति,नेहा कुमारी, दीक्षा सुमन, शाहनाज परवीन, तारा मानी ¨मज, याकूब इब्राहिम सहित बड़ी संख्या में बैंक के कर्मचारी मौजूद थे।

दो दिवसीय हड़ताल का कोयलांचल में असर

कई मजदूर संगठनों के द्वारा दो दिवसीय आहूत दो दिवसीय बंद का असर पहले दिन कोयलांचल में भी देखा गया। जहां सभी बैंको में ताले लटके रहने से आम लोगों के साथ व्यापारी वर्ग को भी काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा, वहीं बैंकों के एटीएम खुला रहने के बावजूद ग्राहकों के भीड़ के कारण एटीमए से रूपये खत्म हो गये। उधर कोलियरियों में कई मजदूर संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों ने बंद को सफल बनाने में उत्पादन से लेकर माल ढुलाई तक नही करने दी। तापिन परियोजना के खान प्रबंधक अनिल कुमार ¨सह ने बताया कि कई मजदूर संगठन के प्रतिनिधि संयुक्त मोर्चा के बैनर तले काम को बंद करवा दिया। इससे पहली और दूसरी पाली का कार्य बाधित रहा। वहीं रात्रि पाली की कार्य को लेकर अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

Posted By: Jagran

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