जमशेदपुर : ठंड से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खासकर आइसक्रीम व शीतल पेय पीने की सलाह नहीं दी जाती है। वहीं, ठंड में भूना चना खाना सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। चना प्रोटीन का रिच सोर्स है। भूने चने को खाने से कई फायदे मिलते हैं।

दरअसल, भूने चने में कैलोरी की मात्रा बहुत कम पाई जाती है, जिससे शरीर का वजन नियंत्रण में रहता है। आयुर्वेदाचार्य अनिल राय का कहना है कि शाम के दौरान भूने चाना खाना चाहिए। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन के साथ विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं।

इतना ही नहीं, भूने चना में फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। इससे आपके शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ता है। साथ ही आपका पाचन शक्ति भी ठीक रहता है।

हड्डियां भी होता मजबूत : ठंड के मौसम में हड्डी से संबंधित परेशानी बढ़ जाती है। एेसे में आप भूना चना अवश्य खाएं। इससे हड्डियां मजबूत रहती है। क्योंकि चने में दूध व दही के समान कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हड्डियों के लिए अच्छा माना जाता है।

इम्यूनिटी : आपके शरीर का इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) ठीक हैं तो आप कई बीमारी से बच सकते हैं। एेसे में चना आपके शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है। भूने चने में कई तरह के विटामिन व मिनरल पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। इससे शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होता है।

एनर्जी : भूने चने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन के साथ विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। भूने चने में फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। इससे खाने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

ब्लड शुगर : अगर आपको शुगर की समस्या है तो आप भूने चना जरूर खाएं। यह शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल रखता है। इसका रोजाना सेवन करें।

पाचन : अगर आपका पाचन शक्ति कमजोर हैं तब भी आप भूना चना खा सकते हैं। भूने चना में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है। इससे गैस की समस्या भी दूर होती है।

मोटापा : आज के समय में अधिकांश लोग मोटापा के शिकार हैं। एेसे में आप भूना चना का सेवन कर सकते हैं। यह आपके लिए फायदेमंद होगा। भूने चना में कैलोरी की मात्रा काफी कम पाई जाती है और फाइबर के गुण होने से जल्दी जल्दी भूख नहीं लगती है, जिससे ज्यादा खाने से बचा जा सकता है। भूने चना से वजन को नियंत्रण में किया जा सकता है।

Edited By: Jitendra Singh