संवाद सहयोगी, हजारीबाग : बहोरनपूर स्थित पहाड़ी की तलहटी में बने ईटवा टिल्हा में खोदाई के दूसरे चरण दो प्रतिमाएं ²ष्टिगोचर हुई हैं। दोनों प्रतिमाएं भगवान बुद्ध की महानिर्वाण मुद्रा में है। यह पहला मौका है जब ईटवा टिल्हा में खोदाई के दौरान दो प्रतिमाएं ²ष्टिगोचर हुई हैं। इससे पूर्व यहां मिट्टी का घड़ा, कील, आदि वस्तुएं मिल चुकी है। दो प्रतिमाएं ²ष्टिगोचर होने के बाद पुरातात्विक विभाग की भी आंखो में चमक आ गयी है। प्रतिमाओं को लेकर पुरातात्विक विभाग द्वारा विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं प्रतिमा को लेकर पर्यटकों में भी तरह तरह के कयास लगाए जा रहे है। संभावना जताया जा रहा है कि जिस तरह से दीवारों के समीप विशेष कक्ष बनाकर रखा गया है, उससे और भी ज्यादा प्रतिमा हो सकता है। ²ष्टिगोचर हुई प्रतिमाओं में एक बड़ी और दूसरा छोटी है। दोनों प्रतिमा में भगवान बुद्ध लेटे हुए अवस्था में उकेरे गए है। हालांकि इस बाबत पूरी तरह प्रतिमा जबतक सामने नहीं आ जाता पुरातात्विक विभाग के पदाधिकारी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे है। परियोजना निदेशक हीं इस मामले में कुछ बता सकते है।

50 मजदूर कर रहे खोदाई, लगाया गया है शिविर

पुरातात्विक खोदाई स्थल पर खोदाई कार्य के लिए 50 मजदूर लगाए गए है। वहीं शिविर लगाकर परियोजना के पदाधिकारी पूरे समय खनन कार्य की निगरानी कर रहे है। नीरज कुमार व बीरेंद्र कुमार की अगुवायी में टीम काम कर रही है। ज्ञात हो कि इटवा टिल्हा में प्रथम ²ष्टया बौद्ध संतों का आवास होने की संभावना को लेकर खोदाई प्रारंभ हुआ था। परंतु अब जब प्रतिमा सामने दिख रहा है तो यहां और भी कुछ होने की बात कहीं जा रही है।

सतह से करीब 25 फुट उंचा है इटवा टीला, चाकोर आंगन वाला बना होगा भवन

खोदाई स्थल पर बना ईटवा टीला की उंचाई सतह से करीब 25 फिट उंचा है। उंचा होने के कारण वहां बने आवास का घराशायी होना है। पुरातात्विक विभाग योजनाबद्ध तरीके से खोदाई कर रही है। संभावना है कि यह दो मंजिला वाला मकान होगा और यह वर्गाकार बना होगा। जिसके बीच में आंगन होगा। विभाग की ओर से आंगन में एक दस गुणा दस का गहरा गड्डा बनाकर इसकी नीवं जानने का प्रयास किया जा रहा है।

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