मासूम अहमद, हजारीबाग : शहर के लेपो रोड निवासी दिव्यांग विमल केशरी को पिछले नवंबर माह से नि:शक्तता पेंशन नहीं मिल पाया है। पेंशन की राशि नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। इससे उनका इलाज भी प्रभावित हो रहा है। वे मानसिक रूप से भी दिव्यांग हैं। उनका इलाज रांची के मानसिक आरोग्यशाला में होना है। वैसे ही दारू प्रखंड के बक्सीडीह गांव निवासी राजेंद्र राम, लालजी पासवान, सूरज राम, निकिता राज, तेजोराम, मंजू देवी समेत दर्जनों नि:शक्त प्रोत्साहन राशि की आस में निराश बैठे हैं। इस परेशानी का कारण यह है कि स्वामी विवेकानंद नि:शक्त पेंशन योजना के लाभुकों को विगत आठ माह से मासिक पेंशन नहीं मिल पाया है। प्रतिमाह मिलने वाला एक हजार पेंशन की राशि नहीं मिलने से इन नि:शक्त लाभुकों की हालत खराब हो गई है। इस दौरान वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर करीब तीन महीने के लॉक डाउन से उनकी स्थिति और खराब हो गई। हालांकि सरकार द्वारा इस दौरान पीडीएस के माध्यम से उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न के कारण उन्हें थोड़ी राहत अवश्य मिली। मगर पेंशन नहीं मिलने से उनकी निजी और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।

16655 है लाभुक, सिर्फ आधे को भुगतान

सिर्फ उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग की बात की जाए तो जिले के कुल 16665 लाभुकों में से करीब आधे को पेंशन भुगतान नहीं हो रहा है। आठ माह से पेंशन बंद है। जानकारी के अनुसार नवंबर 2019 से पूर्व तक योजना के तहत पेंशन की राशि का भुगतान समाज कल्याण विभाग द्वारा चेक के माध्यम से लाभुक के खाते में किया जाता था। मगर इस अवधि के बाद सरकार द्वारा योजना के तहत दिव्यांग को सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा आनलाइन भुगतान किया जाना है। इसके लिए सभी लाभुकों को अपने अपने आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से अपना नि:शक्तता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खाता संख्या की फोटो प्रति समाज कल्याण विभाग में जमा करना है। बाद में प्रखंड कार्यालय द्वारा उसे सामाजिक सुरक्षा विभाग को प्रेषित कर ऑनलाइन एंट्री करवाना है। इस प्रक्रिया के तहत करीब आधे लाभुकों को तो भुगतान हो रहा है मगर बाकी लाभुकों की आनलाइन इंट्री नहीं हो पाई। इसके कारण लाभुकों को नि:शक्त योजना का पेंशन भुगतान नहीं हो पा रहा है। अब कई ऐसे लाभुक हैं जो ऑनलाइन एंट्री कराने में भी असमर्थ हैं।

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यह सच है कि सरकार के निदेशानुसार अब भुगतान आन लाइन किया जाना है। समाज कल्याण विभाग द्वारा इसकी सूची भेजी जा रही है। फिलहाल जिले को नौ हजार का लक्ष्य मिला था जिसमें से करीब आठ हजार को भुगतान हो रहा है। अब चूंकि जिले में लाभुकों की संख्या 16665 है। इसलिए इस संबंध में लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह सरकार से किया गया है। फिलहाल आनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है- नियाज अहमद, सामाजिक सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक

Posted By: Jagran

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