राज्य ब्यूरो, रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने सावन में देवघर के वैद्यनाथ और दुमका के बासुकीनाथ मंदिर खोलने और कावर यात्रा शुरू करने के मामले पर राज्य सरकार से जवाब मागा है। चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने भाजपा सांसद निशिकात दुबे की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा है कि वर्तमान स्थिति में कावर यात्रा शुरू की जा सकती है या नहीं। आम लोगों के लिए बाबाधाम और बासुकीनाथ मंदिर खोलने की कोई योजना तैयार की गई है या नहीं।

अदालत ने इस मामले में बिहार सरकार को प्रतिवादी बनाते हुए उसे भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कांवर यात्रा बिहार के सुल्तानगंज से शुरू होती है, इस कारण बिहार सरकार का पक्ष जानने के लिए उसे प्रतिवादी बनाया है। अदालत ने बाबा धाम प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन सह देवघर उपायुक्त और पंडा धर्मरक्षिणी सभा को भी नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। सभी को 30 जून तक अदालत में शपथपत्र दाखिल करना है। इसी दिन इस मामले में अगली सुनवाई होगी।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता रवि प्रकाश मिश्र ने पुरी की रथयात्रा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। कहा कि कांवर यात्रा व दोनों मंदिरों को कुछ शर्तो के साथ खोला जाए। दरअसल, निशिकात दुबे ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर सावन में वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर खोलने का आग्रह किया है। याचिका में कहा गया है कि वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर हिन्दुओं का बड़ा तीर्थ स्थल है। यहा पूरे देश से लाखों लोग हर साल सावन में कावर लेकर जल चढ़ाने आते हैं। मंदिर में नियमित पूजा भी होती है। इस कारण धाíमक यात्रा के महत्व को देखते हुए मंदिर को खोला जाना चाहिए।

Posted By: Jagran

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